16 साल की नाबालिग ने मृत शिशु को दिया जन्म, तीन साल पहले हुआ था बाल विवाह
रायसेन जिला अस्पताल में 16 वर्षीय नाबालिग ने सात महीने के मृत शिशु को जन्म दिया। अस्पताल की सूचना पर बाल कल्याण समिति ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में करीब तीन साल पहले नाबालिग की शादी होने की जानकारी सामने आई है।
Raisen child marriage case: मध्यप्रदेश के रायसेन जिला अस्पताल में 16 वर्षीय नाबालिग के प्रसव का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू हो गई है। नाबालिग ने सात महीने के मृत शिशु को जन्म दिया। अस्पताल प्रबंधन ने घटना की जानकारी मिलने के बाद बाल कल्याण समिति को सूचना दी, जिसके बाद समिति की टीम ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई।
सूचना मिलने के बाद जांच शुरू
बता दें, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने नाबालिग के प्रसव की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को दी। इसके बाद सिविल सर्जन के निर्देश पर बाल कल्याण समिति को मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलने पर समिति के अध्यक्ष और सदस्य अस्पताल पहुंचे। टीम ने नाबालिग से बातचीत कर उसके पारिवारिक और वैवाहिक हालात से संबंधित जानकारी जुटाई।
करीब तीन साल पुराना बाल विवाह
बाल कल्याण समिति के अनुसार, शुरुआती जांच में नाबालिग की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। इससे पहले भी उसका गर्भ करीब चार महीने की अवधि में गिर गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए समिति अब पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
बाल विवाह और POCSO के तहत कार्रवाई
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आदित्य चावला ने बताया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, POCSO एक्ट और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की संभावना है।
वहीं, जांच पूरी होने के बाद संबंधित विभाग आगे की प्रक्रिया तय करेगा। अब समिति और संबंधित विभाग मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि नाबालिग की शादी किन परिस्थितियों में हुई और उसके बाद उसके साथ क्या घटनाक्रम रहा।