बंगाल में ‘ममता की TMC’ का सियासी ड्रामा! रेजीनगर प्रत्याशी ने पहले नाम लिया वापस, फिर कुछ घंटों में बदला फैसला
पश्चिम बंगाल के रेजीनगर उपचुनाव में बड़ा सियासी बदलाव हुआ। ममता गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने पहले चुनाव से हटने की घोषणा की, लेकिन कुछ घंटे बाद फैसला बदलकर मैदान में रहने का ऐलान किया। इससे एक दिन पहले नंदीग्राम में TMC उम्मीदवार ने नाम वापस लिया था।

West Bengal By-election: पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़े घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। रेजीनगर सीट से ममता बनर्जी के गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने शनिवार को पहले चुनाव से हटने का ऐलान किया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। अब उन्होंने उपचुनाव लड़ने की बात कही है।
सुबह चुनाव से हटने की बात, दोपहर में यू-टर्न
जानकारी के अनुसार, रबीउल आलम चौधरी ने पहले नामांकन वापस लेने की घोषणा की थी। बाद में उन्होंने अपना फैसला बदलते हुए चुनाव मैदान में बने रहने की घोषणा की। रेजीनगर सीट पर कुछ ही घंटों में चुनावी तस्वीर फिर बदल गई।
नंदीग्राम में एक दिन पहले हुआ घटनाक्रम
बता दें, इससे एक दिन पहले नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। हालांकि, इसके कुछ घंटे बाद मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए लंबित वारंट का हवाला दिया है।
6 अक्टूबर को दोनों सीटों पर उपचुनाव
वहीं, नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इन दोनों सीटों पर होने वाले घटनाक्रम के बीच उम्मीदवारों और दलों की रणनीति में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है।
TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर विवाद
इन घटनाओं की पृष्ठभूमि में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा संगठनात्मक विवाद भी अहम है। चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश के तहत दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को मूल ‘All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Flowers & Grass’ यानी जोड़ा घास-फूल चुनाव चिन्ह इस्तेमाल करने से रोक दिया। इसके बाद आयोग ने आगामी उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Football Player’ चुनाव चिन्ह दिया। दूसरे गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और ‘Envelope’ चिन्ह आवंटित किया गया है।
ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
हालांकि, चुनाव आयोग के इस फैसले को ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका में आयोग के उस अंतरिम फैसले को चुनौती दी गई है, जिसके तहत TMC के मूल नाम और चुनाव चिन्ह को फिलहाल दोनों गुटों के इस्तेमाल से रोक दिया गया है।