रायसेन शहर से बाहर जाएगी कृषि मंडी, अधिकारियों ने किया निरीक्षण; 200 गांवों के किसानों को मिलेगी सुविधा
रायसेन की कृषि उपज मंडी को शहर से बाहर डबरा इमलिया में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है। यहां 25 एकड़ जमीन का निरीक्षण किया गया। किसानों और व्यापारियों ने सहमति जताई है। मंडी तक पहुंचने वाली सड़क को 50 करोड़ रुपए से चौड़ा करने की योजना है।

Raisen Mandi Shift: धान खरीदी के सीजन में रायसेन शहर में बढ़ने वाले ट्रैफिक और वाहनों के दबाव को कम करने के लिए कृषि उपज मंडी को शहर से बाहर ले जाने की कवायद शुरू हो गई है। जिससे 200 गांवों के किसानों को सुविधा मिल सकती है। मंडी बोर्ड की सचिव कविता झारिया ने अधिकारियों की टीम के साथ डबरा इमलिया के पास प्रस्तावित स्थल का जायजा लिया।
25 एकड़ जमीन पर बनेगी नई मंडी
बता दें, डबरा इमलिया क्षेत्र में करीब 60 एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध है। इसमें से लगभग 25 एकड़ हिस्से को कृषि उपज मंडी के लिए प्रस्तावित किया गया है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जमीन की स्थिति, पहुंच और अन्य जरूरी पहलुओं की जानकारी ली। टीम ने आसपास के किसानों से भी बातचीत की। किसानों ने नई जगह मंडी बनाए जाने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया, जिससे परियोजना को आगे बढ़ाने की राह आसान हुई है।
200 गांवों के किसानों को मिल सकती है सुविधा
विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बताया कि नई मंडी को लेकर व्यापारियों से भी सहमति बन चुकी है। प्रस्तावित जगह सांची, विदिशा और आसपास के करीब 200 गांवों के किसानों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी वाला विकल्प मानी जा रही है। रायसेन मंडी में फसलों के अच्छे दाम मिलने के कारण विदिशा जिले से भी बड़ी संख्या में किसान यहां अपनी उपज लेकर पहुंचते हैं। धान खरीदी के समय कृषि वाहनों की बढ़ती आवाजाही से शहर के भीतर यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है।
50 करोड़ से सुधरेगा मंडी तक का रास्ता
साथ ही विधायक ने कहा कि नई मंडी तक पहुंचने वाली सड़क को भी बेहतर बनाने की योजना तैयार है। इस मार्ग को चौड़ा करने और सुधारने के लिए करीब 50 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल चुकी है। आगे चलकर इस सड़क को बायपास से जोड़ने की योजना भी है। इससे मंडी तक पहुंचने वाले किसानों और कृषि वाहनों को शहर के भीतरी हिस्से से गुजरने की जरूरत कम पड़ सकती है।
शहर के ट्रैफिक को मिलेगी राहत
वही, मंडी को बाहरी क्षेत्र में स्थानांतरित करने का सबसे बड़ा फायदा शहर के ट्रैफिक को मिलने की उम्मीद है। मौजूदा व्यवस्था में धान खरीदी के दौरान दशहरा मैदान और आसपास की सड़कों पर कृषि वाहनों की संख्या काफी बढ़ जाती है। नई मंडी शुरू होने के बाद भारी वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को शहर के अंदर आने की जरूरत कम होगी। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ किसानों के लिए भी आवागमन आसान हो सकता है।
अब मंडी बोर्ड की अंतिम मंजूरी जरूरी
स्थल निरीक्षण के बाद किसानों का फीडबैक भी लिया जा चुका है। साथ ही व्यापारियों की सहमति भी मिल गई है। अब प्रस्तावित जमीन को मंडी बोर्ड की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। स्वीकृति मिलने के बाद नई मंडी के निर्माण और मौजूदा मंडी को शिफ्ट करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। यदि योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है तो धान खरीदी के दौरान रायसेन शहर में लगने वाले ट्रैफिक दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


