नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही: 600 से ज्यादा की मौत, 2 हजार लोग लापता, चीन की नई चेतावनी से दहशत
नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। 600 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 2 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। इस बीच चीन की ओर से आई झील फटने की चेतावनी ने संकट और बढ़ा दिया है।
नेपाल के बाढ़ प्रभावित पहाड़ी इलाकों और सीमावर्ती घाटियों में आई प्रलयंकारी बाढ़ के बाद जमीनी हालात लगातार बेहद नाजुक बने हुए हैं। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में मारे गए लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग एजेंसियों से भिन्न आंकड़े आ रहे हैं, जबकि 2 हजार से ज्यादा नागरिकों के अब भी लापता होने की पुष्टि की गई है। राहत और बचाव दल मलबे में जिंदगियां तलाशने में जुटे हैं, लेकिन इसी बीच चीन ने तिब्बत के ऊपरी इलाके में बनी एक प्राकृतिक झील को लेकर नेपाल प्रशासन को फिर से हाई अलर्ट पर रहने को कहा है।
मौतों के अलग-अलग आंकड़े, 600 के पार पहुंचा कुल आंकड़ा
स्थानीय पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के बीच मृतकों की सटीक संख्या को लेकर भारी अंतर दिखाई दे रहा है। नेपाल पुलिस के एक आधिकारिक अपडेट में अब तक 616 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है, जबकि कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह संख्या बढ़कर 626 तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा सीमा पार तिब्बत के क्षेत्र में भी 7 लोगों की मौत दर्ज हुई है। इन सभी आंकड़ों को मिला दिया जाए तो इस भयानक आपदा में जान गंवाने वालों की कुल संख्या 600 के आंकड़े को पार कर चुकी है।
मलबे के बीच 2 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता
बाढ़ के बाद प्रभावित बस्तियों में बड़े पैमाने पर राहत और खोज अभियान लगातार जारी है। सामने आई ताजा रिपोर्टों के अनुसार, करीब 2 हजार से ज्यादा लोग अभी भी मलबे और पानी के तेज बहाव के बाद से लापता हैं। रेस्क्यू टीमें दलदल और टूटे रास्तों के बीच लोगों को तलाशने में पूरी ताकत झोंक रही हैं, लेकिन कई दूरदराज के क्षेत्रों में लगातार हो रहे भूस्खलन और सड़कों के बह जाने की वजह से राहत कार्यों में भारी रुकावटें आ रही हैं।
ल्हेन्डे नदी की झील का रंग गहराया, चीन ने दी चेतावनी
इस विकट स्थिति के बीच चीन ने नेपाल सरकार को एक आपातकालीन संदेश भेजकर सतर्क किया है। संदेश में बताया गया है कि ल्हेन्डे नदी प्रणाली के ऊपरी जलक्षेत्र में बनी झील का पानी लगातार गहरा होता जा रहा है, जिसे वैज्ञानिक दृष्टि से एक बड़े खतरे की आहट माना जाता है। चीनी विशेषज्ञों ने अंदेशा जताया है कि झील का कमजोर किनारा टूट सकता है या उसके आसपास फिर से भीषण भूस्खलन होने से अचानक भारी सैलाब नीचे की ओर आ सकता है।
ग्यारोंग पोर्ट पर ड्रोन तैनात, निगरानी चौकियां मुस्तैद
संभावित खतरे को देखते हुए नेपाल और तिब्बत सीमा पर स्थित ग्यारोंग पोर्ट इलाके में चौतरफा निगरानी और बचाव बंदोबस्त कड़े कर दिए गए हैं। कमजोर पहाड़ी ढलानों पर नजर रखने के लिए आधुनिक ड्रोन तैनात किए गए हैं और जगह-जगह निगरानी चौकियां बना दी गई हैं। प्रशासन ने नदी के बहाव क्षेत्र और निचले इलाकों में रह रहे सभी ग्रामीणों को तुरंत सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की सख्त सलाह दी है।
