MP में जन्माष्टमी की धूम: 81 कृष्ण मंदिरों में होंगे आयोजन, 4 सितंबर को CM हाउस में उत्सव
मध्य प्रदेश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य सांस्कृतिक उत्सव मनाया जाएगा। प्रदेश के 81 प्रमुख मंदिरों में विशेष कार्यक्रम होंगे, वहीं 4 सितंबर को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर 1000 से अधिक बच्चे बाल कृष्ण के रूप में जुटेंगे।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश के धार्मिक स्थलों से जन्माष्टमी को लेकर सीधी बड़ी खबर सामने आई है। इस पावन पर्व पर राज्य के लगभग 81 प्रमुख कृष्ण मंदिरों और बड़े धार्मिक केंद्रों पर विशेष सांस्कृतिक और भक्तिमय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन सभी स्थलों पर भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए राज्य भर के कलाकारों, भजन मंडलियों और पारंपरिक सांस्कृतिक दलों को आमंत्रित कर भव्य प्रस्तुतियां कराई जाएंगी। जिला प्रशासन को इन सभी कार्यक्रमों की व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
81 प्रमुख मंदिरों के लिए श्रीकृष्ण पाथेय न्यास देगा फंड
इस राज्य स्तरीय धार्मिक आयोजन को व्यवस्थित ढंग से कराने की कमान श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, भोपाल को सौंपी गई है। न्यास के माध्यम से सभी जिला प्रशासनों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आयोजनों में किसी तरह की कमी न रहे, इसके लिए प्रत्येक जिले को न्यास की ओर से व्यवस्था संचालन के लिए एक-एक लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
4 सितंबर को सीएम हाउस पहुंचेंगे बाल रूप में 1000 बच्चे
राजधानी भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आगामी 4 सितंबर को एक भव्य और अनूठा राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा। इस विशेष उत्सव में 1000 से ज्यादा नन्हे-मुन्ने बच्चों को बाल कृष्ण के मनमोहक स्वरूप में तैयार कर उनके माता-पिता और परिजनों के साथ आमंत्रित किया जाएगा।
मटकी फोड़, लोकनृत्य और माखन-मिश्री का लगेगा भोग
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होने वाले इस उत्सव में भक्ति गायन, लोकनृत्य और पारंपरिक मटकी फोड़ जैसी कई रोचक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही माखन-मिश्री का भोग, लड्डू गोपाल की विशेष पूजा और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के पावन प्रसंगों के जरिए बच्चों को उनके जीवन से मिलने वाली नैतिक शिक्षाओं से जोड़ा जाएगा।
स्कूलों में बांसुरी वादन, मटकी और जीवंत झांकी प्रतियोगिताएं
राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग को भी सभी शिक्षण संस्थानों में जन्माष्टमी का उत्सव उल्लासपूर्वक मनाने के निर्देश मिले हैं। इसके तहत स्कूलों में मटकी सज्जा प्रतियोगिता, बांसुरी वादन, जीवंत झांकी निर्माण और भगवान कृष्ण के जीवन पर आधारित तात्कालिक भाषण प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। छोटे बच्चों को बाल रूप में सजाकर विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी कराई जाएंगी।
मंदिरों और चौराहों पर स्वच्छता अभियान व सामूहिक आरती
पर्व के अवसर पर सभी जिलों के कृष्ण मंदिरों, मठों और देवालयों को विशेष रोशनी और फूलों से सजाया जाएगा। सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाने के साथ-साथ मटकी फोड़, स्थानीय कलाकारों द्वारा बांसुरी वादन, भजन गायन और श्रीकृष्ण प्रसंगों की झांकियां सजाई जाएंगी। शाम के समय दीप प्रज्ज्वलन और भव्य सामूहिक आरती के साथ उत्सव संपन्न होगा।

