MP News: 50 हजार डाटा एंट्री ऑपरेटर के लिए राहत की खबर, हाईकोर्ट ने 2400 ग्रेड पे पर लगाई मुहर, जानें क्या होगा फायदा?
MP News: मध्यप्रदेश के 50 हजार से अधिक संविदा डाटा एंट्री ऑपरेटरों को हाईकोर्ट के फैसले से बड़ी राहत मिली है।
MP News: मध्यप्रदेश के 50 हजार से अधिक संविदा डाटा एंट्री ऑपरेटरों को हाईकोर्ट के फैसले से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ की डबल बेंच ने डाटा एंट्री आपरेटरों से संबंधित राज्य सरकार की रिट अपील खारिज करते हुए इन कर्मचारियों को 1900 की जगह 2400 ग्रेड पे दिए जाने के सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखा है। इसका फायदा प्रदेश के सभी विभागों में काम करने वाले डाटा एंट्री आपरेटरों को मिलेगा।
सिंगल बेंच ने 2400 ग्रेड पे को माना था उचित
इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने माना कि यदि कर्मचारियों को नियुक्ति से लेकर पूर्व के वेतनमानों में यूडीसी के समकक्ष 2400 रुपए ग्रेड पे का लाभ दिया जाता रहा है, तो सातवें वेतनमान में भी उसी के अनुरूप समकक्षता निर्धारित की जानी चाहिए। सिंगल बेंच ने डाटा एंट्री ऑपरेटरों को 1900 ग्रेड पे और लेवल-4 दिए जाने संबंधी आदेश को निरस्त करते हुए 2400 ग्रेड पे के अनुरूप वेतन तय करने का निर्देश दिया था।
राज्य सरकार की डबल बेंच में भी अपील खारिज
कोर्ट के सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से डबल बेंच में रिट अपील दायर की गई थी। ग्वालियर खंडपीठ की डबल बेंच के न्यायमूर्ति जीएस आहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला ने राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद संविदा डाटा एंट्री ऑपरेटरों को 2400 ग्रेड पे के अनुरूप वेतन निर्धारण का रास्ता साफ हो गया है।
अन्य संविदा पदों पर भी पड़ेगा असर ?
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर का कहना है कि वित्त विभाग द्वारा 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के तहत कई संविदा पदों की समकक्षता निर्धारित करते समय वेतनमान में कमी की गई है। इनमें डाटा एंट्री ऑपरेटरों के अलावा अन्य पद भी शामिल बताए गए हैं।
महासंघ का कहना है कि ग्वालियर हाईकोर्ट की डबल बेंच के फैसले से ऐसे अन्य संविदा कर्मचारियों के मामलों पर भी असर पड़ सकता है, जिनके वेतनमान की समकक्षता निर्धारित करते समय ग्रेड पे कम किया गया है।
महासंघ के अनुसार
· लेखापाल का ग्रेड पे 2800 से घटाकर 2400 किया गया।
· एमआईएस कोऑर्डिनेटर, विकासखंड समन्वयक और महिला जेंडर समन्वयक का ग्रेड पे 3600 से घटाकर 3200 किया गया।
· सहायक अभियंताओं का ग्रेड पे 5400 से घटाकर 4200 किए जाने का दावा किया गया है।
सरकार से विसंगतियां दूर करने की मांग
मध्यप्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग से मांग की है कि 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के तहत समकक्षता निर्धारण में हुई वेतन विसंगतियों की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई जाए और सभी प्रभावित पदों की विसंगतियों का निराकरण किया जाए। महासंघ का तर्क है कि अलग-अलग पदों के वेतनमान को लेकर बड़ी संख्या में मामले न्यायालयों में लंबित हैं। यदि शासन स्तर पर इन विसंगतियों का समाधान कर दिया जाता है तो कर्मचारियों को राहत मिलने के साथ ही न्यायालयीन मामलों में लगने वाले समय और सरकारी धन की बचत भी हो सकती है।

