Abdul Breaking
होम
मध्य प्रदेश
सीहोरनर्मदापुरमरायसेनहरदाभोपालराजगढ़विदिशाबैतूल
ट्रेंडिंगदेशदुनियाराजनीतिबिजनेस
Trending Today:
इंजीनियर डे: CM मोहन यादव ने विश्वेश्वरैया को किया नमन, बोले- तकनीकी ज्ञान का हो लोक कल्याण में इस्तेमाल
Abdul Breaking Logo

मध्य प्रदेश और देश-विदेश की हर छोटी-बड़ी खबर को सबसे पहले और सबसे सटीक रूप से पहुंचाने वाला एक विश्वसनीय डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म।

निष्पक्ष पत्रकारिता, हमारी पहचान

Navigation

  • ताज़ा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • खेल
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति

Newsletter

देश और दुनिया की टॉप खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाएं।

  • ब्रेकिंग न्यूज़ सबसे पहले
  • एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट्स

Copyright © 2026 ABDUL BREAKING. All Rights Reserved.

Privacy Policy|Terms & Conditions|Disclaimer|Editorial Policy|Contact Us
होम›मध्यप्रदेश›इंजीनियर डे: CM मोहन यादव ने विश्वेश्वरैया को किया नमन, बोले- तकनीकी ज्ञान का हो लोक कल्याण में इस्तेमाल

इंजीनियर डे: CM मोहन यादव ने विश्वेश्वरैया को किया नमन, बोले- तकनीकी ज्ञान का हो लोक कल्याण में इस्तेमाल

आज देश भर में इंजीनियर डे मनाया जा रहा है। इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के इंजीनियरों को शुभकामनाएं देते हुए प्राचीन विरासत और आधुनिक तकनीक को जोड़ने की बात कही है।

By Admin
15 Sept 2026
इंजीनियर डे: CM मोहन यादव ने विश्वेश्वरैया को किया नमन, बोले- तकनीकी ज्ञान का हो लोक कल्याण में इस्तेमाल
इंजीनियर डे पर सीएम मोहन यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

आज पूरा देश इंजीनियर डे मना रहा है। इस खास मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सभी इंजीनियरों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने देश के महान इंजीनियर और भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के अतुलनीय योगदान को याद किया। सीएम ने साफ कहा कि राष्ट्र के निर्माण और विकास में हमारे इंजीनियरों का काम सिर्फ तकनीकी मोर्चे तक ही सीमित नहीं रहता। सड़कों और इमारतों के निर्माण से लेकर आम जनता के कल्याण तक, एक अभियंता हमारे समाज की दिशा तय करने में बहुत बड़ा योगदान देता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्वेश्वरैया जी ने अपनी शानदार प्रतिभा और कड़ी मेहनत से देश के सभी अभियंताओं को एक बिल्कुल नई पहचान दी थी। उनके दिए गए योगदान से हमें यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि तकनीकी ज्ञान का असली इस्तेमाल समाज और देश के विकास के लिए ही किया जाना चाहिए। इसी बात को आगे बढ़ाते हुए सीएम ने प्रदेश के सभी अभियंताओं से भी अपील की कि वे आधुनिक तकनीक और अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के बीच एक बढ़िया तालमेल बनाकर काम करें।

भारत की प्राचीन इंजीनियरिंग है बेमिसाल

कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव ने भारत की सदियों पुरानी स्थापत्य परंपरा और निर्माण तकनीक का भी प्रमुखता से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमारे देश की ऐतिहासिक विरासत खुद इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि भारत में सदियों पहले भी इंजीनियरिंग का एक बेहद उच्च स्तर मौजूद था। पहाड़ों और चट्टानों को काटकर बनाए गए हमारे मंदिर, पुरानी जल संरचनाएं और विशाल स्थापत्य कला आज के समय में भी दुनिया भर के लोगों को आश्चर्यचकित कर देते हैं।

उन्होंने अपनी बात को और स्पष्ट करने के लिए मंदसौर और विदिशा के प्राचीन मंदिरों की बेजोड़ स्थापत्य कला का भी खास तौर पर उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन ऐतिहासिक इमारतों के निर्माण में उस समय के लोगों की तकनीकी समझ, शानदार योजना और लंबी दूरदृष्टि साफ दिखाई देती है। सीएम के मुताबिक, प्राचीन भारत में तैयार की गई ऐसी कई अद्भुत संरचनाएं आज के युवा इंजीनियरों के लिए भी एक बहुत बड़े प्रेरणा के स्रोत का काम करती हैं।

विकास के साथ पर्यावरण को बचाना है जरूरी

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के आधुनिक समय में हमारे निर्माण कार्यों की गति काफी तेजी से बढ़ी है, लेकिन हमें विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी पहली प्राथमिकता में रखना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी नई परियोजना तैयार करते समय हमारे जल स्रोतों, नदियों और प्राकृतिक संसाधनों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी कड़ी में उन्होंने मां नर्मदा समेत प्रदेश की बाकी दूसरी नदियों के संरक्षण पर भी विशेष रूप से जोर दिया।

राजा भोज और विक्रमादित्य के दौर से लें सीख

इसके बाद मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए राजा भोज और सम्राट विक्रमादित्य के महान शासनकाल में हुए निर्माण कार्यों और बेहतर व्यवस्थाओं को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस सुनहरे दौर की योजनाओं में जनहित, कुशल जल प्रबंधन और एक सुव्यवस्थित निर्माण की स्पष्ट सोच दिखाई देती है। सीएम ने जोर देकर कहा कि हमें प्रदेश की प्राचीन विरासत को आज की आधुनिक तकनीक और वर्तमान जरूरतों से जोड़कर ही आगे बढ़ने की जरूरत है, क्योंकि ऐतिहासिक ज्ञान और नई इंजीनियरिंग का यह तालमेल हमारे भविष्य के विकास को और भी ज्यादा टिकाऊ बना सकता है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी अभियंताओं से पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का जोरदार आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत को पूरी दुनिया में एक नई और बड़ी ऊंचाई तक ले जाने के लिए हमारे तकनीकी विशेषज्ञों, इंजीनियरों और युवाओं को अपनी पूरी क्षमता के साथ मैदान में काम करना होगा। अभियंता दिवस के इस शुभ अवसर पर उन्होंने एक बार फिर प्रदेश के सभी अभियंताओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान की जमकर सराहना की।

संबंधित खबरें

MP कैबिनेट के बड़े फैसले: 13 हजार करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी, छात्रों को मिलेगी ई-स्कूटी

MP कैबिनेट के बड़े फैसले: 13 हजार करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी, छात्रों को मिलेगी ई-स्कूटी

मध्यप्रदेश
15 Sept 2026, 05:14 pm
MP में 20 साल बाद फिर लौट रहीं सरकारी बसें: 25 सितंबर से 'सुगम परिवहन सेवा' शुरू करेंगे CM मोहन

MP में 20 साल बाद फिर लौट रहीं सरकारी बसें: 25 सितंबर से 'सुगम परिवहन सेवा' शुरू करेंगे CM मोहन

मध्यप्रदेश
11 Sept 2026, 07:19 pm

लेटेस्ट अपडेट्स

अभी-अभी

इंजीनियर डे: CM मोहन यादव ने विश्वेश्वरैया को किया नमन, बोले- तकनीकी ज्ञान का हो लोक कल्याण में इस्तेमाल

15 Sept 2026
मध्यप्रदेश

MP कैबिनेट के बड़े फैसले: 13 हजार करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी, छात्रों को मिलेगी ई-स्कूटी

15 Sept 2026
मध्यप्रदेश

MP में 20 साल बाद फिर लौट रहीं सरकारी बसें: 25 सितंबर से 'सुगम परिवहन सेवा' शुरू करेंगे CM मोहन

11 Sept 2026
मध्यप्रदेश

शिक्षक भर्ती पर MP में गरमाई सियासत! 59 हजार प्रमोशन और बैकलॉग के फेर में फंसी सरकार

10 Sept 2026
मध्यप्रदेश

परिवहन क्षेत्र में मोहन सरकार का बड़ा नीतिगत दांव: इंदौर में 11 सितंबर से शुरू हो रही विजन समिट 2026

10 Sept 2026

हमारे साथ जुड़ें

हर बड़ी और ताज़ा खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे Instagram और Facebook पेज को फॉलो करें!

Instagram पर जुड़ेंFacebook पर जुड़ें