MP CM Announcement : अगस्त क्रांति दिवस पर निकलेगी भव्य तिरंगा यात्रा, CM मोहन यादव ने युवाओं से जुड़ने का दिया संदेश
अगस्त क्रांति दिवस पर भोपाल में निकलेगी भव्य तिरंगा यात्रा। CM मोहन यादव ने युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने और खेल अधोसंरचना मजबूत करने के निर्देश जारी किए।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस और अगस्त क्रांति दिवस को राष्ट्रीय गौरव के साथ जोड़ते हुए, पूरे राज्य में एक तरह का देशभक्ति वाला माहौल खड़ा करने पर जोर दिया है, हालांकि बात उनके मुताबिक ये सिर्फ भाषण तक नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगस्त भारत की आजादी का गौरवशाली महीना है और हर नागरिक को उसमें सिर्फ शामिल नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने 9 अगस्त को भोपाल में भव्य तिरंगा यात्रा आयोजित करने के निर्देश दिए। कहा कि इसमें युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यक्रम में ऊर्जा बनी रहे। उन्होंने जोड़ते हुए कहा कि इस तरह की पहल राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक “बड़े करीने” से पहुंचाने का, एक सशक्त रास्ता बनेगी। ये निर्देश उन्होंने राज्य शूटिंग अकादमी में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए, और इस दौरान कई बातों पर फोकस साफ दिखा।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण और प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी काबिलियत का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, पोषण और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाने को कहा। उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि ओलंपिक, एशियाई खेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सम्मानजनक पुरस्कार, आर्थिक सहायता और शासकीय सेवाओं से जुड़े प्रबंधों को और ज्यादा प्रभावी बनाया जाएगा। ताकि खिलाड़ी पूरे आत्मविश्वास के साथ देश और प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर सकें, और उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता भी मिले।
खेल अधोसंरचना के विस्तार पर सरकार का फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री ने मल्लखंभ एवं जिम्नास्टिक अकादमी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही सांदीपनि विद्यालयों के आसपास खेल परिसर विकसित करने की संभावनाओं पर काम तेज करने को कहा। इसके अलावा, निर्माणाधीन खेल परिसरों में जरूरी सुविधाओं के विकास, हेलीपैड जैसी व्यवस्थाओं और केंद्र सरकार से अधिक खेल अनुदान हासिल करने के लिए विभागीय समन्वय मजबूत करने के निर्देश भी दिए। मतलब कि सिर्फ जमीन या प्लान तक नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की गति पर भी जोर दे रहा है।
हर जिले की खेल प्रतिभा के अनुसार बनेगी नई रणनीति
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन खेल परिसरों के लिए भूमि आवंटन लंबित है, उनकी प्रक्रिया जल्दी पूरी की जाए। उन्होंने खेल विभाग में अधोसंरचना की निगरानी के लिए सिविल विंग और परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) के गठन को लेकर भी संभावनाएं तलाशने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि पिछले पांच वर्षों के खेल प्रदर्शन का विश्लेषण किया जाए, और हर जिले में उसी खेल को प्राथमिकता दी जाए, जिसमें वहां के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि निजी और कॉर्पोरेट क्षेत्र की भागीदारी के जरिए आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास पर खास फोकस रखा जाए, क्योंकि इससे संसाधन भी बढ़ेंगे और गुणवत्ता में फर्क आएगा।