Jio IPO पहले दिन ही फुल सब्सक्राइब, ₹13,428 से कर सकते हैं आवेदन; पैसा लगाने से पहले यहां पढ़ें पूरी डिटेल्स
Jio Platforms IPO 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला है। शेयर का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 और न्यूनतम आवेदन राशि ₹13,428 है। शुरुआती घंटों में इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हुआ। GMP के आधार पर संभावित लिस्टिंग गेन का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन मुनाफे की गारंटी नहीं है।


Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित IPO ने शेयर बाजार में निवेशकों का ध्यान खींचा है। 21 अक्टूबर 2026 को खुला यह इश्यू शुरुआती घंटों में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए करीब ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। यह भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े IPO में शामिल है।
₹1,065 से ₹1,119 रखा गया प्राइस बैंड
बता दें, Jio Platforms के एक शेयर की कीमत ₹1,065 से ₹1,119 के बीच तय की गई है। एक लॉट में 12 शेयर हैं, इसलिए अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक के लिए न्यूनतम आवेदन राशि ₹13,428 बनती है। IPO में आवेदन करने की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर 2026 है। शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर और बाजार में लिस्टिंग 28 अक्टूबर को संभावित है।
₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना
कंपनी इस इश्यू में लगभग 27 करोड़ नए शेयर जारी कर रही है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से कुल इश्यू का आकार करीब ₹30,213 करोड़ बैठता है। IPO के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन इसे देश की बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल कर सकता है।
GMP के आधार पर 22% तक रिटर्न का अनुमान
IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के आधार पर शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत का अनुमान लगाया जा रहा है। यदि ₹1,119 के अपर प्राइस बैंड पर ₹252 का प्रीमियम माना जाए, तो अनुमानित कीमत ₹1,371 बनती है। इस हिसाब से संभावित अंतर करीब 22.5% होगा।
हालांकि, GMP अनौपचारिक बाजार का संकेतक है। यह वास्तविक लिस्टिंग कीमत या मुनाफे की गारंटी नहीं देता। लिस्टिंग के दिन शेयर की कीमत बाजार की मांग, कंपनी के मूल्यांकन और अन्य परिस्थितियों के कारण ऊपर या नीचे जा सकती है।
संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग
जानकारी के अनुसार, IPO के शुरुआती सब्सक्रिप्शन आंकड़ों में संस्थागत निवेशकों की ओर से उल्लेखनीय मांग दर्ज की गई। अलग-अलग निवेशक श्रेणियों में आवेदन का स्तर अलग रहा, जबकि रिटेल निवेशकों की भागीदारी संस्थागत निवेशकों की तुलना में कम दिखाई दी। सब्सक्रिप्शन के आंकड़े दिनभर बदल सकते हैं, इसलिए निवेशकों को नवीनतम एक्सचेंज डेटा देखना चाहिए।
कर्मचारियों और रिलायंस के शेयरधारकों के लिए आरक्षण
IPO में कर्मचारियों और पात्र रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए अलग हिस्से रखे गए हैं।
- कर्मचारी कोटा: लगभग ₹500 करोड़ तक के शेयर आरक्षित हैं।
- कर्मचारी छूट: पात्र कर्मचारियों के लिए प्रति शेयर ₹54 की छूट की जानकारी दी गई है।
- रिलायंस शेयरधारक कोटा: पात्र शेयरधारकों के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ तक का हिस्सा निर्धारित है।
शेयरधारक आरक्षण का लाभ पाने के लिए निर्धारित पात्रता और आधिकारिक प्रॉस्पेक्टस में दिए गए नियम लागू होंगे। आवेदन से पहले संबंधित शर्तों की जांच करना जरूरी है।
IPO में किस श्रेणी को कितना हिस्सा?
इश्यू के निर्धारित वितरण के मुताबिक, लगभग 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) और 35% रिटेल निवेशकों के लिए रखा गया है। संबंधित आरक्षण और आवंटन की अंतिम शर्तों के लिए कंपनी का रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) देखना चाहिए।
जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार कितना बड़ा है?
Jio Platforms, रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई है। कंपनी मोबाइल कनेक्टिविटी, 4G और 5G नेटवर्क, ब्रॉडबैंड तथा डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी के पास विशाल ग्राहक आधार और 5G नेटवर्क विस्तार का अवसर है। इसके साथ ही कारोबार को टेलीकॉम क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, तकनीकी निवेश, नियामकीय बदलाव और भविष्य की पूंजीगत जरूरतों जैसी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
SEBI की प्रक्रिया और RHP दाखिल करने की जानकारी
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित IPO से जुड़े दस्तावेज अक्टूबर में दाखिल किए गए थे। कंपनी ने 14 अक्टूबर 2026 को रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने की जानकारी भी दी थी। निवेशकों को IPO से जुड़े वित्तीय विवरण, जोखिम और पात्रता की शर्तें आधिकारिक दस्तावेजों से पढ़नी चाहिए।
IPO क्या होता है?
जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम निवेशकों को खरीदने के लिए पेश करती है, तो इसे इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO कहा जाता है। इसके जरिए कंपनी शेयर जारी कर पूंजी जुटाती है। निवेशकों को बदले में कंपनी में हिस्सेदारी मिलती है, लेकिन शेयर की कीमत बढ़ना या लाभ मिलना निश्चित नहीं होता।
GMP क्या बताता है?
ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP एक अनौपचारिक संकेत है, जिससे कुछ निवेशक IPO की संभावित लिस्टिंग कीमत का अंदाजा लगाते हैं। यह स्टॉक एक्सचेंज का आधिकारिक आंकड़ा नहीं है और इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है। इसलिए केवल GMP देखकर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।
.jpg&w=3840&q=75)