जेफ्री एपस्टीन के साथ हरदीप पुरी की तस्वीरें वायरल, कांग्रेस ने पूछा- अकेले नहीं मिले तो ये फोटो कैसी?
जेफ्री एपस्टीन के साथ केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। सुप्रिया श्रीनेत ने पुरी के पुराने बयान का हवाला दिया। पुरी पहले इन मुलाकातों को पेशेवर बता चुके हैं और आरोपों से संबंध होने से इनकार किया है।


Jeffrey Epstein and Hardeep Puri Together Photo Viral: अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इन तस्वीरों को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पार्टी की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पूछा कि जब पुरी कह चुके हैं कि वह एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो सामने आई तस्वीरों का क्या मतलब है?
हालांकि, तस्वीरों में दोनों का साथ दिखाई देना अपने आप में किसी गलत गतिविधि में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। पुरी पहले भी एपस्टीन से अपनी मुलाकातों को पेशेवर बताते हुए उनके खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से किसी तरह का संबंध होने से इनकार कर चुके हैं।
तस्वीरों को लेकर कांग्रेस ने क्या पूछा?
बता दें, वायरल तस्वीरों में हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन साथ बैठे नजर आ रहे हैं। ये तस्वीरें अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों के एक सेट में शामिल थीं। तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?
ईमेल में भी हुआ था एपस्टीन से संपर्क का जिक्र
जानकारी के अनुसार, हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन के संपर्क का मामला नवंबर 2025 में भी चर्चा में आया था। उस समय अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल को लेकर दोनों के बीच बातचीत की खबरें सामने आई थीं।

इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग ने 30 जनवरी को एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल भी शामिल थे। रिपोर्ट में दावा किया गया कि पुरी 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क स्थित एपस्टीन के घर गए थे।
एक ईमेल में एपस्टीन के द्वीप का जिक्र करते हुए ‘Have fun’ शब्दों के इस्तेमाल की भी बात सामने आई। पुरी ने बाद में स्पष्ट किया था कि यह उनके बोलने का सामान्य तरीका है।
राहुल गांधी के आरोपों पर पुरी ने क्या कहा था?
वहीं, इस साल फरवरी में लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को पुरी ने खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि उनकी मुलाकातें संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले हुई थीं।
पुरी के मुताबिक, वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के तौर पर एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पेशेवर बताया और कहा कि एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से उनका कोई संबंध नहीं था।
इस मामले में तस्वीरों और पुराने ईमेल के सामने आने से राजनीतिक सवाल फिर उठने लगे हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति के साथ तस्वीर होना या उससे मुलाकात करना अपने आप में अपराध में संलिप्तता साबित नहीं करता।
.jpg&w=3840&q=75)
