Gwalior TMZ: ग्वालियर बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, निवेशकों को मोहन सरकार का बड़ा ऑफर
मध्य प्रदेश सरकार ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन विकसित करेगी। निवेशकों के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहनों की घोषणा की गई है।
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने ग्वालियर को देश का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) बनाने की दिशा में सच में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई में आयोजित एक निवेशक राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में उद्योगपतियों से प्रदेश में निवेश को लेकर आग्रह किया, और उन्होंने ये भी कहा कि यह पहल टेलीकॉम विनिर्माण, रिसर्च, डिजाइन, टेस्टिंग और नवाचार जैसी चीजों का खास केंद्र बन कर रहेगी, या यूं समझ लीजिए एक तरह से हब ही तो होगा।
170 एकड़ में बनेगा आधुनिक टेलीकॉम हब
सीएम ने बताया कि करीब 170 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम होगा। यहां दूरसंचार उपकरणों का निर्माण, अनुसंधान, परीक्षण और डिजाइन वगैरह सारी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध करा दी जाएंगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ग्वालियर की बेहतर कनेक्टिविटी और दिल्ली-एनसीआर के नजदीक होने की वजह से ये जगह निवेश के लिए काफ़ी मुफीद मानी जा रही है।
निवेशकों के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन
राज्य सरकार की तरफ से निवेशकों को लेकर कई खास सुविधाएं घोषित की गई हैं। पात्र निवेश पर 50 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान, हर नए कर्मचारी के प्रशिक्षण के लिए 13 हजार रुपये तक की मदद और रोजगार बढ़ाने की खातिर प्रति कर्मचारी प्रतिमाह 5 हजार रुपये तक वेतन सहायता दी जाएगी। इसके अलावा शुरुआती पांच सालों तक बिजली पर 2 रुपये प्रति यूनिट की रियायत, रियायती दर पर जमीन, स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति और कम दाम पर जल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी बताई गई है।
उद्योगों का भरोसा बढ़ा, ढाई साल में गति आई
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में उद्योग अनुकूल नीतियों की वजह से मध्य प्रदेश को देश-विदेश से बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में हुई पहली निवेशक बैठक में 3,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनसे करीब 14 हजार रोजगार के अवसर निकलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि ये सब पारदर्शी नीतियों और बेहतर प्रशासन का ही नतीजा है, बिना ड्रामा के… बस असरदार काम।
रोजगार और तकनीकी विकास को मिलेगी रफ्तार
सरकार का कहना है कि जैसे ही टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन विकसित होगा, प्रदेश में बड़े स्तर पर रोजगार सृजन होगा। यहां आधुनिक टेस्टिंग लैब, प्लग-एंड-प्ले सुविधा और विश्वस्तरीय औद्योगिक ढांचा तैयार किए जाएंगे। इससे टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण के सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी, और मध्य प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक निवेश केंद्रों में शामिल होने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ेगा।
