देवास में TI दिलीप पुरी की मौत के मामले में दोनों आरोपी घायल, पुलिस की जवाबी फायरिंग
देवास में TI दिलीप पुरी की मौत के मामले में दोनों आरोपियों को पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगी। CM मोहन यादव ने शराब तस्करी पर सख्ती के निर्देश दिए।
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देवास में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को आईसर से कुचलकर मारने के मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों पर अलग-अलग जगह गोली चलाई। पुलिस के मुताबिक, हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के हथियार छीनकर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में दोनों के दाहिने पैर में गोली लगी। मुख्य आरोपी गजेंद्र उर्फ अक्कू राठौड़ को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर के अरबिंदो अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं, सह आरोपी धीरज का इलाज देवास जिला अस्पताल में जारी है।
धीरज ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की
पुलिस के अनुसार, सह आरोपी धीरज को लेकर टीम कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान BNP थाना क्षेत्र में उसने पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश की और एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया। उसने पुलिस पर हमला करने का प्रयास भी किया। पुलिस का कहना है कि चेतावनी देने के बाद भी धीरज नहीं रुका, जिसके चलते आत्मरक्षा में गोली चलाई गई। गोली उसके दाहिने पैर में लगी और उसे देवास जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वाहन पंक्चर होने पर अक्कू ने की फायरिंग
मुख्य आरोपी गजेंद्र उर्फ अक्कू राठौड़ को अलीराजपुर से खातेगांव ले जाया जा रहा था। रास्ते में पुलिस वाहन पंक्चर हो गया। पुलिसकर्मी जब उसे ठीक कर रहे थे, तभी अक्कू ने एएसआई की बंदूक छीनकर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर के निचले हिस्से में गोली लगी। उसे देवास जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद वैस्कुलर इंटरवेंशन के लिए इंदौर रेफर किया गया।
अवैध शराब की कार्रवाई के दौरान TI को आईसर से कुचला गया
घटना 1 और 2 नवंबर की दरमियानी रात हुई थी। खातेगांव TI दिलीप पुरी को अवैध शराब तस्करी की सूचना मिली थी। पुलिस के मुताबिक, मौके पर पहुंचकर उन्होंने आईसर चालक को नीचे उतरने के लिए कहा, लेकिन चालक वाहन को डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे ले गया। इसी दौरान आईसर का पिछला पहिया TI के ऊपर से गुजर गया। करीब दो घंटे तक CPR और इलाज की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया था।
CM मोहन यादव ने पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए
TI की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने और पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति के तहत सब इंस्पेक्टर बनाने की घोषणा की थी। CM ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर अवैध शराब के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने शराब तस्करी रोकने के लिए पुलिस को फ्री हैंड देने की बात कही। साथ ही जिलों में वाहनों की जांच और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने को कहा।
शराब कारोबारियों और आबकारी विभाग पर भी कार्रवाई
पुलिस ने अलीराजपुर के शराब कारोबारी केरम सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, TI को कुचलने वाले वाहन में लदी शराब उसी की थी। हरदा के कारोबारी राहुल जायसवाल से भी देवास SIT ने पूछताछ की। राहुल ने पहले शराब दुकान अपने रिश्तेदार पाटन जायसवाल की बताई थी और मामले से संबंध होने से इनकार किया था। इसके अलावा हरदा में भारतेन्द्र जायसवाल से जुड़ी तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए गए। सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमरसिंह बघेल और दो आबकारी आरक्षक अरुण कुंभारे व कृष्णपाल सिंह डोडिया निलंबित किए गए। टिमरनी की शराब दुकान सील कर दी गई है। देवास SP आदित्य मिश्रा ने जांच के लिए SIT गठित की है।
