BJP के नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब देब का पहला संदेश: पोस्टर में नेताओं की तस्वीरों की जगह लेंगी योजनाएं
मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने संगठन में संवाद और बूथ कनेक्ट मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने मतभेद बातचीत से दूर करने, प्रचार में नेताओं की तस्वीरों के बजाय सरकारी योजनाओं को प्रमुखता देने और दिखावटी स्वागत से बचने का संदेश दिया।

MP BJP New Strategy: मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने अपने पहले भोपाल दौरे में संगठन की कार्यशैली को लेकर कई अहम संदेश दिए हैं। उनकी शुरुआती बैठकों में पार्टी के अंदर संवाद बढ़ाने, गुटों के बीच मतभेद कम करने, बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क मजबूत करने और सरकार की योजनाओं को ज्यादा प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने पर जोर रहा। देब ने प्रचार के तरीके में भी बदलाव की बात कही है। नेताओं की बड़ी तस्वीरों वाले पोस्टर और बैनर के बजाय सरकारी योजनाओं और उनके लाभ को सामने रखने का संदेश दिया गया है।
संगठन में मतभेद हैं तो बातचीत से निकालें रास्ता
बिप्लब देब की बैठकों में संगठन के भीतर आपसी मतभेद और गुटों के बीच दूरी का मुद्दा भी सामने आया। उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कहा कि स्थानीय स्तर पर किसी तरह की नाराजगी है तो उसे बातचीत और आपसी संवाद के जरिए दूर करने की कोशिश की जाए।
जिला और संभाग स्तर के नेताओं को कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया गया है। देब का फोकस संगठन में अनुशासन के साथ ऐसा माहौल बनाने पर है, जहां कार्यकर्ता अपनी बात वरिष्ठ नेताओं तक आसानी से पहुंचा सकें। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन में पद मिलना या जिम्मेदारी बदलना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इससे कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क प्रभावित नहीं होना चाहिए।
समझाने के बाद भी तालमेल नहीं तो नेतृत्व को जानकारी
बैठकों में कहा गया कि संगठन में किसी स्तर पर मतभेद या असहमति की स्थिति को पहले बातचीत से सुलझाने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद भी यदि कोई व्यक्ति संगठन के साथ समन्वय नहीं बनाता है तो उसकी जानकारी प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने की बात कही गई है।
इसका उद्देश्य संगठन के अलग-अलग स्तरों के बीच संवाद को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर लंबे समय से चल रही नाराजगी को आगे बढ़ने से रोकना बताया गया है। हालांकि, यह निर्देश किस-किस मामले पर लागू होगा, इसकी विस्तृत सार्वजनिक सूची सामने नहीं आई है।
पोस्टर में नेताओं से ज्यादा योजनाओं को जगह
सूत्रों के मुताबिक, देब ने पार्टी के प्रचार और सार्वजनिक कार्यक्रमों के तौर-तरीकों को लेकर भी अलग संदेश दिया। उन्होंने नेताओं की बड़ी तस्वीरों वाले पोस्टर, बैनर और प्रचार सामग्री के बजाय केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रमुखता देने पर जोर दिया।
अब प्रचार सामग्री में यह बताने पर फोकस रखने की बात कही गई है कि कौन-सी योजना किस वर्ग के लिए है, उससे कितने लोगों को लाभ मिल रहा है और उसका जमीनी असर क्या है। यानी संगठन के प्रचार को व्यक्तिगत चेहरों के बजाय सरकार के काम और योजनाओं से जोड़ने की दिशा में बदलाव का संकेत दिया गया है।
JCB से फूल बरसाने के बजाय कार्यकर्ताओं के बीच समय
साथ ही, बिप्लब देब ने नेताओं के स्वागत में होने वाले दिखावे को लेकर भी सादगी का संदेश दिया। उन्होंने JCB से फूल बरसाने और बड़े स्वागत समारोहों जैसी गतिविधियों को कम करने की बात कही। उनका जोर नेताओं के स्वागत से ज्यादा कार्यकर्ताओं के साथ समय बिताने पर रहा। इसका उदाहरण उनके पहले भोपाल दौरे में भी दिखाई दिया। देब ने पार्टी कार्यकर्ता के घर जाकर भोजन किया और कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद किया। सह प्रभारी रेखा वर्मा ने भी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
बूथ कार्यकर्ता तक पहुंचेगी संगठन की नई रणनीति
बता दें, नई संगठनात्मक टीम का एक बड़ा फोकस बूथ स्तर पर संपर्क बढ़ाने पर है। देब और सह प्रभारी रेखा वर्मा के भोपाल दौरे में बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया। पार्टी की कोशिश है कि प्रदेश स्तर पर लिए गए फैसलों और सरकार की योजनाओं की जानकारी मंडल, बूथ और जमीनी कार्यकर्ताओं तक नियमित रूप से पहुंचे।
संगठन के स्तर पर कार्यकर्ताओं को केवल योजनाओं का प्रचार करने तक सीमित रखने के बजाय यह जानकारी जुटाने पर भी जोर दिया जा रहा है कि पात्र लोगों को वास्तव में सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। इससे संगठन और सरकार के बीच जमीनी फीडबैक का चैनल मजबूत करने की कोशिश की जा सकती है।
पहली कोर ग्रुप बैठक
वहीं, बिप्लब देब की अध्यक्षता में भोपाल में मध्य प्रदेश भाजपा की पहली कोर ग्रुप बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, सह प्रभारी रेखा वर्मा और संगठन के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

