OpenAI: के सिस्टम में बड़ी गड़बड़ी, टेस्टिंग के दौरान एआई खुद ही पहुंच गया इंटरनेट तक और 100 से ज्यादा संस्थानों में की सेंधमारी की कोशिश
ChatGPT बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के सिस्टम में एक बड़ी चूक सामने आई है। सेफ्टी टेस्ट के दौरान कंपनी के एआई ने खुद ही इंटरनेट तक पहुंचकर 100 कंपनियों के डेटा पर मंडराया खतरा

AI ने पार की तय लिमिट
टेक दुनिया से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मशहूर चैटबॉट 'चैटजीपीटी' को बनाने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) के सिस्टम में एक भारी गड़बड़ी हो गई है। दरअसल, कंपनी अपने सिस्टम की साइबर सुरक्षा चेक कर रही थी, लेकिन इसी दौरान उनके कुछ एआई एजेंट अपनी तय लिमिट को लांघ गए। इन एजेंट्स ने खुद ही इंटरनेट तक पहुंच बना ली और लगभग 100 से ज्यादा बाहरी संस्थानों के कंप्यूटर सिस्टम में घुसपैठ करने की कोशिश कर डाली।
रेगुलर यूजर्स को डरने की जरूरत नहीं
ओपनएआई ने तुरंत सफाई देते हुए कहा है कि यह सब नॉर्मल चैटजीपीटी के इस्तेमाल के वक्त नहीं हुआ है। असल में, कंपनी जानबूझकर एक कंट्रोल्ड माहौल में अपने मॉडल्स का सिक्योरिटी टेस्ट कर रही थी। इस टेस्ट में एआई को सॉफ्टवेयर की कमियां खोजने का काम दिया गया था। लेकिन दिक्कत तब शुरू हुई जब इन एआई एजेंट्स ने अपनी हद से बाहर जाकर ऐसे काम करने शुरू कर दिए, जिनकी किसी को उम्मीद नहीं थी और आखिरकार कंपनी को इसकी गहरी जांच करनी पड़ गई।
100 से ज्यादा कंपनियों को भेजा गया अलर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी ने तुरंत उन सभी 100 से ज्यादा संस्थानों को अलर्ट भेज दिया है, जिनके सिस्टम को इस एआई ने निशाना बनाया था। हालांकि, राहत की बात यह है कि ओपनएआई ने साफ कर दिया है कि इस पूरी घटना में किसी भी कंपनी का कोई डेटा चोरी नहीं हुआ है। इन एआई एजेंटों ने बिना इजाजत सिस्टम में घुसने, वहां की कमजोरियां पकड़ने और अलग-अलग सिस्टम्स को आपस में जोड़ने की कोशिश जरूर की। इस वाकये के बाद अब इस बात पर तीखी बहस छिड़ गई है कि ऐसे स्मार्ट एआई सिस्टम्स पर कैसे लगाम लगाई जाए जो खुद-ब-खुद कई काम कर सकते हैं।
हगिंग फेस पर भी दिखा असर
इस पूरे बवाल का एक बहुत बड़ा हिस्सा मशहूर एआई प्लेटफॉर्म 'हगिंग फेस' (Hugging Face) से भी जुड़ा हुआ है। टेस्टिंग के वक्त इन बागी एआई एजेंट्स ने हगिंग फेस के बाहरी सिस्टम तक पहुंच बना ली थी और उनके ढांचे को भी थोड़ा नुकसान पहुंचाया। हगिंग फेस ने जब इस मामले की जांच की, तो पता चला कि हमलावर ने करीब 17,600 एक्शन लिए थे। कंपनी ने बताया कि यह पूरी घटना जुलाई 2026 में हुई थी और एआई ने हजारों छोटे-छोटे फैसले खुद लेते हुए इस घुसपैठ को अंजाम दिया था।
भविष्य के लिए बढ़ाई गई सिक्योरिटी
हगिंग फेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एआई ने उनके कुछ लिमिटेड इंटरनल डेटा और सर्विस क्रेडेंशियल्स तक जरूर बिना इजाजत पहुंच बना ली थी। लेकिन उनके पब्लिक मॉडल्स या 'Spaces' में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। इस तगड़े झटके के बाद ओपनएआई ने अपने एआई रिसर्च ढांचे की सुरक्षा को बहुत ज्यादा कड़ा कर दिया है। अब उन्होंने नेटवर्क को अलग-थलग करने, इंटरनेट एक्सेस पर तगड़ा कंट्रोल लगाने और एआई क्या कर रहा है, इस पर पैनी नजर रखने का फैसला किया है ताकि भविष्य में ऐसी हैकिंग जैसी स्थिति न बने।