भोपाल में 15 जनवरी को सेना दिवस का भव्य आयोजन, 45 हजार लोग देखेंगे परेड; जानिए कहां होगा एयर शो?
भोपाल में 15 जनवरी को सेना दिवस पर लाल परेड ग्राउंड में आर्मी डे परेड होगी। करीब 45 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। बड़े तालाब पर एयर शो और टीटी नगर स्टेडियम में शौर्य संस्कृति कार्यक्रम होगा। एक दिसंबर से रिहर्सल शुरू होगी।

Army Day Parade in Bhopal: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 15 जनवरी को सेना दिवस के मौके पर सैन्य ताकत, अनुशासन और देशभक्ति की झलक देखने को मिलेगी। लाल परेड ग्राउंड में आर्मी डे परेड आयोजित की जाएगी, जबकि बड़े तालाब के ऊपर एयर शो होगा। इसके अलावा टीटी नगर स्टेडियम में शौर्य संस्कृति कार्यक्रम भी रखा जाएगा। आयोजनों में करीब 45 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है।
लाल परेड ग्राउंड में जुटेंगे हजारों दर्शक
बता दें, आर्मी डे परेड को लेकर प्रशासन ने अभी से ही तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने बुधवार को मंत्रालय में अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आयोजन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी जरूरी काम तय समय में पूरे करने के निर्देश दिए।
परेड के दौरान दर्शकों की सुविधा के साथ सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस और ट्रैफिक विभाग को प्रवेश-निकास, पार्किंग और सुरक्षा की विस्तृत योजना बनाने को कहा गया है।
बड़े तालाब के ऊपर दिखेगा एयर शो
सेना दिवस के कार्यक्रमों में एयर शो खास आकर्षण रहेगा। इसके लिए बड़े तालाब के ऊपर हवाई प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। मुख्य सचिव ने एयर शो को बड़े स्तर पर आयोजित करने के लिए सेना के अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए हैं। टीटी नगर स्टेडियम में शौर्य संस्कृति कार्यक्रम होगा।
आयोजन में दिखेगी MP की सांस्कृतिक पहचान
सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रमों के जरिए मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों को भी पहचान दिलाने की योजना है। इसमें सांची, खजुराहो, भीमबेटका और ओरछा जैसे स्थानों के साथ सिंहस्थ की झलक भी दिखाई जाएगी। भोपाल कलेक्टर ने बैठक में अब तक की तैयारियों और आगे की कार्ययोजना की जानकारी दी।
एक दिसंबर से शुरू होगी रिहर्सल
वहीं, मुख्य आयोजन की रिहर्सल एक दिसंबर से शुरू की जाएगी। इस दौरान कुछ सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन को वैकल्पिक रास्ते तय करने और उनकी जानकारी पहले से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।