1 सितंबर 2026 से बदल रहे हैं 11 बड़े नियम: गैस सिलेंडर, कार और ATM समेत आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर
सितंबर 2026 की पहली तारीख से आम आदमी से जुड़े 11 बड़े वित्तीय और गैर-वित्तीय नियम बदलने जा रहे हैं। इसमें रसोई गैस से लेकर कार खरीदने और बैंकिंग के नियम शामिल हैं।
सितंबर 2026 के आगाज के साथ ही आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई वित्तीय और गैर-वित्तीय नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। 1 सितंबर से जहां एक तरफ LPG सिलेंडर की नई कीमतें सामने आ सकती हैं, वहीं CNG-PNG और विमान ईंधन (ATF) के रेट भी बदलेंगे। इसके अलावा नई कार खरीदने वालों की जेब भी ढीली हो सकती है। साथ ही बैंक FD, ATM से पैसे निकालने, ईटीएफ (ETF) ट्रेडिंग, विदेश यात्रा और इनकम टैक्स से जुड़े 11 बड़े बदलावों की चर्चा तेज है। आइए सीधे जानते हैं 1 सितंबर से होने वाले ये 11 बदलाव क्या हैं।
रसोई गैस सिलेंडर के नए दाम होंगे तय
सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इस बार 1 सितंबर को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए रेट जारी किए जा सकते हैं, जिसका सीधा असर हर घर के मासिक बजट पर पड़ेगा।
एलपीजी ई-केवाईसी (e-KYC) की आखिरी तारीख
गैस उपभोक्ताओं के लिए एक जरूरी अपडेट यह है कि आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। जिन ग्राहकों ने तय समय सीमा तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें आगे गैस कनेक्शन और सब्सिडी का पैसा मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
सीएनजी, पीएनजी और एटीएफ के रेट
महीने की शुरुआत में ही सीएनजी, पीएनजी और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में फेरबदल हो सकता है। अगर सीएनजी के दाम बढ़ते हैं तो वाहनों से सफर करना महंगा होगा, वहीं एटीएफ के दाम बढ़ने से हवाई टिकटों की लागत पर भी सीधा असर पड़ेगा।
कार खरीदना अब पड़ेगा भारी
टाटा मोटर्स की गाड़ियां खरीदने का प्लान बना रहे लोगों को तगड़ा झटका लग सकता है। खबर है कि कंपनी अपने आईसीई (पेट्रोल-डीजल) और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में इजाफा करने वाली है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से होगी।
विदेश यात्रा करने वालों के लिए नई सुविधा
जो लोग विदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए इमिग्रेशन की प्रक्रिया में एक नया बदलाव होने जा रहा है। अब यात्रियों को इलेक्ट्रॉनिक या फिर प्रिंटेड बोर्डिंग पास के जरिए अपनी इमिग्रेशन प्रक्रिया को पूरा करने की सहूलियत दी जा सकती है।
ईटीएफ (ETF) ट्रेडिंग के नए नियम
बाजार नियामक सेबी (SEBI) के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, ईटीएफ की प्राइजिंग तय करने और इसके कारोबार से जुड़े कुछ नए प्रावधान 1 सितंबर से लागू होने जा रहे हैं। इसका सीधा असर गोल्ड और अन्य ईटीएफ में निवेश करने वालों पर पड़ेगा।
एफडी (FD) की ब्याज दरों में संशोधन
सितंबर महीने के शुरुआत में कई बैंक अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज की दरों की समीक्षा कर सकते हैं। नई दरें लागू होने से नए निवेशकों और पहले से एफडी करा चुके लोगों के रिटर्न पर सीधा असर देखने को मिलेगा।
एटीएम से पैसे निकालने के चार्ज
अगर आप एटीएम से तय लिमिट से ज्यादा बार ट्रांजैक्शन करते हैं, तो उस पर लगने वाले चार्ज में बदलाव होने की पूरी संभावना है। इसलिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक की ओर से आने वाली आधिकारिक सूचना जरूर चेक करें।
डीमैट और म्यूचुअल फंड में नॉमिनी नियम
अब नए सिंगल होल्डर डीमैट अकाउंट खोलने और म्यूचुअल फंड फोलियो बनाने वालों के लिए नॉमिनी की जानकारी देना अनिवार्य किया जा सकता है। यह कदम निवेशकों के हित को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है।
आईटीआर (ITR) फाइलिंग की जरूरी डेडलाइन
ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी कमाई बिजनेस या प्रोफेशन से होती है, उनके लिए सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव करना बेहद जरूरी है। अगर निर्धारित समय सीमा के अंदर टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया गया, तो करदाताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
घरेलू पीएनजी के लिए नई स्कीम
घरेलू स्तर पर पाइप गैस नेटवर्क का विस्तार करने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की जा सकती है। इसका फायदा यह होगा कि नए और पिछड़े इलाकों में पीएनजी कनेक्शन तेजी से बढ़ सकेंगे।

