हाइलाइट्स
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जलपक्षी गणना में जबलपुर का मोहरी तालाब प्रदेश में पहले स्थान पर
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भोपाल के भोज वेटलैंड में 2430 जलपक्षी दर्ज, विशालखेड़ी में 129 प्रजातियां
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विदेशी और प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी से झीलों की सेहत हुई साबित
BHOPAL NEWS : भोपाल। मध्यप्रदेश में संपन्न हुई जलपक्षी गणना (Water Bird Census) के नतीजों ने राज्य की झीलों और वेटलैंड्स की स्थिति की तस्वीर साफ कर दी है। इस गणना में जबलपुर का मोहरी तालाब जलपक्षियों की संख्या और प्रजातियों के लिहाज से प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। वहीं, भोपाल का भोज वेटलैंड दूसरे नंबर पर दर्ज किया गया।

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रिपोर्ट के मुताबिक, भोज वेटलैंड क्षेत्र में कुल 2430 जलपक्षी पाए गए। खास बात यह रही कि भोपाल के विशालखेड़ी क्षेत्र में 129 अलग-अलग प्रजातियों के पक्षी दर्ज किए गए, जिसे विशेषज्ञ बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।
विदेशी पक्षियों की मौजूदगी ने बढ़ाई अहमियत
इस बार की गणना में देशी पक्षियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में विदेशी और प्रवासी जलपक्षी भी नजर आए। इनमें इंडियन स्पॉट-बिल्ड डक, यूरेशियन शॉवेलर, कॉमन कूट, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, नॉर्दर्न पिंटेल, ग्रे लैग गूज और ब्राउन-हेडेड गल शामिल हैं।

साइबेरिया और यूरोप से आने वाले पक्षियों की मौजूदगी ने प्रदेश के जलाशयों की अंतरराष्ट्रीय अहमियत भी दिखा दी है।
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प्रदेश के प्रमुख जलाशयों की स्थिति
जलपक्षी प्रजातियों के आधार पर
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मोहरी तालाब, जबलपुर – 139 प्रजातियां
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भोज वेटलैंड, विशालखेड़ी (भोपाल) – 129
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दाहोद जलाशय – 119
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कलियासोत, भोपाल – 118
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हलाली बांध – 116
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रानी तालाब – 113
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सिरपुर झील, इंदौर – 103
संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि जलपक्षियों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि कई जलाशयों में अब भी स्वच्छ पानी और अनुकूल पर्यावरण बना हुआ है।
इस वर्ष पहली बार सभी वन वृत्त और वन मंडलों को गणना में शामिल किया गया, जिससे आंकड़ों की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ी है। यह डाटा आने वाले समय में जल संरक्षण और शहरी जल स्रोतों के बेहतर प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगा।