India Tiger Census : भोपाल। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध सतपुड़ा टाइगर रिजर्व सहित पूरे देश में आज यानी 1 दिसंबर 2025 से अखिल भारतीय बाघ गणना-2026 शुरू हो गई है। यह गणना 7 दिसंबर तक चलेगी। इस बार खास बात यह है कि सिर्फ टाइगर रिजर्व ही नहीं, बल्कि सामान्य वन मंडलों के जंगलों में भी बाघों की संख्या दर्ज की जाएगी।
गणना सात दिन की है। पहले तीन दिन मांसाहारी जानवरों की गिनती होगी। इनमें बाघ, तेंदुआ, जंगली कुत्ता और अन्य मांसाहारी जीव शामिल हैं। अगले तीन दिन शाकाहारी जानवरों की बारी आएगी। इनमें बारहसिंघा, सांभर, चीतल, नीलगाय, जंगली सूअर और गौर (बायसन) जैसे जानवर गिने जाएंगे। सातवें दिन डेटा का मिलान और अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में इस बार बाघों की संख्या 75 से अधिक होने की पूरी उम्मीद है। साल 2022 की गणना में यहां 62 बाघ थे। अब चार साल बाद कई शावक बड़े हो चुके हैं, इसलिए संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। बाघों की पहचान उनके शरीर की धारियों और पगमार्क से की जाती है।
गणना के लिए रिजर्व में करीब 450 अधिकारी-कर्मचारी लगाए गए हैं। इसके अलावा 8 राज्यों – गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ आदि से 35 प्रशिक्षित वॉलिंटियर्स भी आए हैं। इन सभी को ट्रांसेक्ट वॉक, कैमरा ट्रैपिंग और पगमार्क रिकॉर्डिंग की विशेष ट्रेनिंग दी गई है।
कैमरा ट्रैपिंग का काम पहले से चल रहा है। नवंबर में 800 से ज्यादा कैमरे चूरना, बोरी, मढ़ई, तवा बफर आदि इलाकों में लगाए गए थे। दूसरा चरण 20 दिसंबर से शुरू होगा।
पर्यटकों के लिए सूचना: गणना के कारण मढ़ई और चूरना में सुबह की जंगल सफारी अब 6:30 की बजाय 7:30 बजे शुरू होगी और दोपहर 12 बजे तक चलेगी। शाम की सफारी का समय पहले जैसा ही रहेगा।