MP Digital Arrest Case : ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक डिजिटल अरेस्ट का अमामला सामने आया है। आरोपियों ने रिटायर्ड रेलवे अधिकारी से 3.80 लाख ठग लिए है। जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर शहर में डिजिटल अरेस्ट के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे।
इस बार ठगों ने रेलवे विभाग के चीफ टीएनसी पद से रिटायर्ड 64 वर्षीय सुधाकर यादव को निशाना बनाया। शनिवार दोपहर 2 बजे उनके फोन पर अनजान नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई। ठग ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और मनी लॉन्ड्रिंग का झांसा देकर डराया।
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ये है पूरा मामला
सुधाकर यादव, जो ईओडब्ल्यू ऑफिस के पास डीबी सिटी ब्लॉक-सी, फ्लैट नंबर 6 में रहते हैं, घर पर आराम कर रहे थे। अचानक वीडियो कॉल पर आईपीएस यूनिफॉर्म पहने व्यक्ति ने कहा, “आपका नंबर मनी लॉन्ड्रिंग केस में ट्रेस हो गया है।” ठग ने दावा किया कि संदीप कुमार नाम के व्यक्ति ने उनके नाम से बैंक खाता खोला है।
उन्होंने धमकी दी कि 2 घंटे में फोन बंद हो जाएगा। सुधाकर ने पूछा तो ठग बोला, “आप पर केस दर्ज होगा। जांच चल रही है।” वीडियो कॉल पर फर्जी यूनिफॉर्म देखकर सुधाकर घबरा गए। ठग ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया।
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यह ग्वालियर में डिजिटल अरेस्ट का छठा केस है। 6 दिसंबर 2024 को जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनोद दोनेरिया से 50 हजार रुपये ठगे गए। चार दिन पहले, 2 दिसंबर 2024 को आयुर्वेदिक डॉक्टर को 29 घंटे डिजिटल अरेस्ट रखकर 21 लाख उड़ाए। ठग इसी तरीके से लोगों को फंसाते हैं।
साइबर सेल ने चेतावनी दी है। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर अरेस्ट नहीं करती। वीडियो कॉल पर पैसे मांगने वाले ठग हैं। सुधाकर ने अभी शिकायत दर्ज नहीं कराई, लेकिन जागरूकता फैला रहे हैं। पुलिस ने कहा, संदेह हो तो नजदीकी थाने या हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
Q. ग्वालियर में सुधाकर यादव के साथ क्या हुआ?
सुधाकर यादव को व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर फर्जी सीबीआई अधिकारी ने मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया।
Q. डिजिटल अरेस्ट क्या होता है?
यह साइबर ठगी का तरीका है जहां ठग वीडियो कॉल पर सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और पैसे मांगते हैं। कोई कानूनी अरेस्ट फोन पर नहीं होता।
Q. ग्वालियर में डिजिटल अरेस्ट के कितने मामले हो चुके हैं?
यह छठा मामला है। पहले डॉ. विनोद दोनेरिया से 50 हजार और आयुर्वेदिक डॉक्टर से 21 लाख ठगे गए।
Q. डिजिटल अरेस्ट से कैसे बचें?
अनजान कॉल पर पैसे न दें। संदेह हो तो 1930 हेल्पलाइन या साइबर सेल से संपर्क करें। वीडियो कॉल पर डराने वाले ठग होते हैं।
Q. सुधाकर यादव ने क्या कार्रवाई की?
उन्होंने अभी शिकायत दर्ज नहीं कराई, लेकिन घटना की जानकारी साझा कर दूसरों को सावधान कर रहे हैं।