MP News : शहडोल। मध्य प्रदेश में जहरीले सिरप से बच्चों की मौतों ने स्वास्थ्य विभाग को घेरा है। लेकिन लापरवाही रुकने का नाम नहीं ले रही। शहडोल मेडिकल कॉलेज में सर्जरी और प्रसव के लिए आने वाले मरीजों की जान जोखिम में है। ऑपरेशन से पहले लगाया जाने वाला प्रोविडोन आयोडीन सॉल्यूशन जहरीला साबित हो रहा। इससे स्किन जल रही है। लाल हो रही है। कई बार छिल भी रही है। फफोले तक पड़ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह सॉल्यूशन सर्जरी के अलावा प्रसव के समय भी इस्तेमाल होता है। इससे जच्चा-बच्चा दोनों को खतरा है। प्रबंधन को शिकायतें मिल रही हैं। फिर भी कोई कदम नहीं उठा।
एक साल से डॉक्टर जता रहे आपत्ति
डॉक्टरों और विभाग प्रमुखों ने सॉल्यूशन बदलने की मांग की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं। समस्या पिछले एक साल से चल रही। प्रबंधन कहता है कि ग्रुप बनाया है। सूचना मंगाई जा रही।
फार्माकोलॉजी विभाग ने जांच नहीं की
दवाओं की जांच के लिए फार्माकोलॉजी विभाग है। विभाग प्रमुखों ने सूचना दी। लेकिन न जांच हुई। न जानकारी दी। रिएक्शन के सवाल पर डॉ. महेन्द्र जैसवाल ने फोन काट दिया। बाद में कहा कि कॉलेज में मिलने पर बात करेंगे।
गठजोड़ का शक, सप्लाई जारी
विभाग प्रमुखों की शिकायत के बावजूद सप्लाई पर रोक नहीं। प्रबंधन ने और सॉल्यूशन मंगाया। इससे गठजोड़ के आरोप लग रहे। सॉल्यूशन लगाने के बाद स्किन झुलसने के हर दिन 2-3 मरीज आ रहे। यह सिलसिला एक साल से है। ठीक होने में 15 दिन लग रहे।
मेडिकल कॉलेज अधीक्षक डॉ. नागेन्द्र सिंह ने कहा कि जानकारी मिली है। अन्य जिलों में भी पूछा जा रहा। किस बैच से रिएक्शन हो रहा, इसकी जानकारी ली जा रही।
Q. शहडोल मेडिकल कॉलेज में प्रोविडोन आयोडीन सॉल्यूशन से क्या समस्या हो रही?
सॉल्यूशन लगाने से स्किन जल रही, लाल हो रही और फफोले पड़ रहे। सर्जरी और प्रसव में इस्तेमाल होता है।
Q. यह समस्या कब से चल रही है?
पिछले एक साल से ज्यादा समय से। हर दिन 2-3 मरीज आ रहे। ठीक होने में 15 दिन लग रहे।
Q. डॉक्टरों ने क्या मांग की?
सॉल्यूशन बदलने की मांग की। लेकिन प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की। सप्लाई जारी रखी।
Q. फार्माकोलॉजी विभाग ने क्या किया?
विभाग को सूचना दी गई। लेकिन न जांच की। न जानकारी दी। डॉ. महेन्द्र जैसवाल ने फोन काट दिया।
Q. अधीक्षक डॉ. नागेन्द्र सिंह का क्या कहना है?
जानकारी मिली है। अन्य जिलों में पूछताछ कर रहे। बैच चेक कर रहे हैं।