Betul News : बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के आठनेर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत मानी में सरकारी दस्तावेजों की घोर लापरवाही ने एक बुजुर्ग महिला कांता बाई कुमरे को “मृत” घोषित कर दिया। 15 मार्च 2023 को पति सुखदेव कुमरे की मौत के बाद विधवा पेंशन के आवेदन में गलती से कांता बाई को ही मृत बताकर उनकी समग्र आईडी डिलीट कर दी गई। नतीजा? कांता बाई राशन, पेंशन और अन्य योजनाओं से वंचित हो गईं। अब उन्हें “जिंदा” साबित करने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
पति की मौत पर पेंशन आवेदन
कांता बाई कुमरे (उम्र लगभग 60 वर्ष) मानी गांव की रहने वाली एक साधारण महिला हैं। 15 मार्च 2023 को पति सुखदेव कुमरे की मौत के बाद उन्होंने ग्राम पंचायत में विधवा पेंशन के लिए आवेदन किया। लेकिन प्रक्रिया में घोर लापरवाही बरती गई। पंचायत के रोजगार सहायक भीमराव उइके ने मृतक पति की जगह कांता बाई को ही “मृत” घोषित कर दिया।
Betul News : पंचायत सचिव ने दस्तावेजों में महिला को बताया मृत, अब विधवा पेंशन- राशन के लिए भटक रही
नतीजतन, उनकी समग्र आईडी डिलीट हो गई। कांता बाई ने जनपद पंचायत पहुंचकर रोते हुए सीईओ आस्था जैन से कहा, “मैडम, अब तो मुझे जिंदा कर दो। मैं जिंदा हूं, लेकिन कागजों में मृतक बना दिया गया है।” उनका बेटा पप्पू कुमरे ने बताया, “राशन लेने गए तो नाम कटा मिला। पेंशन रुकी। मां को साबित करने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।”
यह गलती न केवल पेंशन से वंचित कर रही है, बल्कि राशन कार्ड, स्वास्थ्य बीमा और अन्य योजनाओं से भी काट रही है। कांता बाई ने कहा, “पति की मौत के बाद तो सहारा चाहिए था, लेकिन अब तो जिंदा रहना भी मुश्किल हो गया।” पप्पू ने जोड़ा, “रोजगार सहायक ने कहा कि आवेदन में गलती हो गई। लेकिन सुधार क्यों नहीं कर रहे?”
सीईओ आस्था जैन की त्वरित कार्रवाई
मामले के उजागर होने पर जनपद पंचायत सीईओ आस्था जैन ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने रोजगार सहायक भीमराव उइके को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब मांगा।
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सीईओ ने कहा, “यह लापरवाही बेहद गंभीर है। डिलीट पति की आईडी करनी थी, लेकिन जीवित महिला को मृत बताकर योजनाओं से वंचित कर दिया।” उन्होंने रिकॉर्ड सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
सीईओ ने स्पष्ट किया, “डीलीशन सुधार के लिए पंचायत से इंट्री होनी है, फिर लोकसेवा केंद्र पर जाकर ठीक करना होगा। कांता बाई को उपस्थित रहना पड़ेगा। रोजगार सहायक को अन्य कार्यों में भी लापरवाही पाई गई। कार्रवाई होगी।” सरपंच शंकर आहके ने बताया, “हमने भीमराव को कई बार कहा था, लेकिन अनसुना किया। ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ रहा है।”
लापरवाही पर जांच की मांग
ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर फैली लापरवाही पर गुस्सा जताया। एक ग्रामीण ने कहा, “कागजों में जिंदा-मृत का खेल चल रहा है। कांता बाई जैसे कई लोग प्रभावित हैं।” पप्पू ने जोड़ा, “मां को साबित करने के लिए दौड़-भाग करनी पड़ रही। न्याय मिलना चाहिए।” जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया, और ई-गवर्नेंस टीम सुधार में जुटी है।