Bandhavgarh Tiger Reserve Jumbo Picnic 2025 : उमरिया। मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 25 सितंबर 2025 से सात दिवसीय जंबो पिकनिक शुरू हो गई है, जो जंगल के इन विशालकाय संरक्षकों – 15 हाथियों – के लिए एक विशेष कायाकल्प शिविर है। क्षेत्र निदेशक अनुपम सहाय ने बताया कि शिविर में 9 नर और 6 मादा हाथियों को नहलाने, मालिश करने और स्वास्थ्य जांच जैसे गतिविधियां शामिल हैं।
यह आयोजन न केवल हाथियों को आराम और पौष्टिक भोजन देता है, बल्कि महावतों और कर्मचारियों को विश्राम, आपसी मेलजोल और आधुनिक हाथी प्रबंधन तकनीकों की ट्रेनिंग का अवसर भी प्रदान करता है। यह वार्षिक पिकनिक जंगल की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले इन हाथियों और उनके रखवालों के लिए एक अनूठा उत्सव है।
जंबो पिकनिक का उद्देश्य
क्षेत्र निदेशक अनुपम सहाय ने कहा, “हम भाग्यशाली हैं कि हमारे पास 15 हाथी हैं, जो जंगली जानवरों की सुरक्षा और निगरानी में योगदान दे रहे हैं। यह शिविर उनके स्वास्थ्य, तंदुरुस्ती और देखभाल के लिए है।” शिविर में शामिल गतिविधियां:
- पशु चिकित्सकों द्वारा रक्त परीक्षण, दांत और पैरों की जांच।
- तनाव कम करने और त्वचा की देखभाल।
- केले, गन्ना, चारा और पोषक तत्वों से भरपूर आहार।
- नवीनतम तकनीकों पर कार्यशालाएं, जैसे GPS ट्रैकिंग और व्यवहार विश्लेषण।
क्षेत्र निदेशक अनुपम सहाय ने बताया कि यह आयोजन महावतों को एक-दूसरे से मिलने और अनुभव साझा करने का मौका देता है। बांधवगढ़ के ये 15 हाथी टाइगर रिजर्व में बाघों की गश्त, अवैध शिकार रोकने और जंगल की निगरानी में महत्वपूर्ण हैं।
#WATCH | Umaria, Madhya Pradesh: A 7-day jumbo picnic has begun at Bandhavgarh Tiger Reserve, which will include bathing, massage and health check-up of elephants. pic.twitter.com/Bj7x7Fsijv
— ANI (@ANI) September 26, 2025
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश का एक प्रमुख संरक्षित क्षेत्र है, जहां 50+ बाघ और अन्य वन्यजीव हैं। हाथी यहां गश्त और पर्यटकों की सैर के लिए महत्वपूर्ण हैं। जंबो पिकनिक 2018 से शुरू हुई थी और तब से यह हर साल आयोजित होती है। 2024 में 14 हाथियों के लिए आयोजित इस शिविर में एक मादा हाथी के नवजात शिशु को भी शामिल किया गया था। इस बार 15वां हाथी नया जुड़ा है।
महावत, जो 24×7 हाथियों की देखभाल करते हैं, इस शिविर में विश्राम और सम्मान पाते हैं। एक महावत रामलाल ने कहा, “हाथी हमारे परिवार हैं। यह पिकनिक हमें और हमारे साथियों को नई ऊर्जा देती है।” शिविर में योग और मेडिटेशन सत्र भी महावतों के लिए आयोजित होंगे।
#WATCH | Umaria, MP: Anupam Sahay, area director of the Bandhavgarh Tiger Reserve, says, “Today, we are fortunate to have 15 elephants here who contribute significantly to the protection and monitoring of wild animals in our camps. Of these, 9 are male elephants and 6 are female… pic.twitter.com/gX7DTrEuq0
— ANI (@ANI) September 26, 2025
हाथियों की उम्र (20-50 वर्ष) और जंगल की चुनौतियों के कारण स्वास्थ्य जांच जरूरी है। 2023 में एक हाथी की बीमारी से मृत्यु हुई थी, जिसके बाद शिविर में मेडिकल सुविधाएं बढ़ाई गईं। सहाय ने कहा, “हमारा लक्ष्य इन हाथियों को लंबा और स्वस्थ जीवन देना है।”
बांधवगढ़ प्रशासन ने कहा कि भविष्य में जंबो पिकनिक को अन्य रिजर्व्स के साथ साझा करने की योजना है। मध्य प्रदेश के कान्हा और पेंच टाइगर रिजर्व भी इसे अपना सकते हैं। यह शिविर 1 अक्टूबर 2025 को समाप्त होगा, और अंतिम दिन एक समारोह होगा।