Policemen Assaulted and Snatching Rupees Narmadapuram News : नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश। एक तरफ कानून का रक्षक, दूसरी तरफ शोषण। जब पुलिस वाले ही डंडे लहराकर पैसे ऐंठने लगें, तो आम आदमी का भरोसा कहां बचेगा? जी हां, नर्मदापुरम जिले के शिवपुर थाने के तीन पुलिसकर्मियों पर ऐसा ही गंभीर आरोप लगा है।
जानकारी के मुताबिक, तीन युवकों लालू यदुवंशी, आशीष यदुवंशी और राज यदुवंशी ने एसपी को लिखित शिकायत देकर मारपीट, 2.65 लाख रुपये और सोने की चेन छीनने का दावा किया है। एसपी सांईकृष्णा एस थोटा ने तुरंत जांच के आदेश जारी कर एसडीओपी सिवनी मालवा को जिम्मेदारी सौंपी, लेकिन थाने की ओर से सफाई आ रही है – शराबी युवकों का गड़बड़झाला है।
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शिकायतकर्ता बावरी घाट के निवासी ये तीन भाई 15-16 सितंबर की रात करीब 11 बजे अपने इलाके में थे। तभी शिवपुर थाने के एएसआई प्रहलाद ठाकुर, हवलदार कृपाराम दायमा और एक सिपाही (सिविल ड्रेस में) डंडे लहराते हुए पहुंचे। पीड़ितों का कहना है कि रास्ते में रोककर उनकी पिटाई की गई, जबरदस्ती बोलेरो गाड़ी में बिठाकर थाने ले जाया गया।
थाने पहुंचने पर बाहर ही रख दिया, फिर सिवनी मालवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर मेडिकल करवाया। लेकिन यहीं से अड़ीबाजी का खेल शुरू- सिविल ड्रेस वाले सिपाही ने कथित तौर पर 2.65 लाख रुपये नकद और एक सोने की चेन छीन ली। डॉक्टर के सामने बात खुलने पर 2.60 लाख लौटा दिए, लेकिन 5 हजार रुपये और चेन रख ली।
रात 3 बजे शिवपुर थाना क्षेत्र में छोड़ दिया गया और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज करने की धमकी देकर 40 हजार रुपये की मांग की। पीड़ितों का दावा है कि यह सब एएसआई प्रहलाद ठाकुर की पुरानी रंजिश का नतीजा है। लालू यदुवंशी ने बताया, “हम तो घर पर ही थे, अचानक ये लोग डंडे लेकर आए। थाने ले जाकर धमकाया, पैसे मांगे। अब हम डर के मारे सो भी नहीं पा रहे।”
यह शिकायत एसपी कार्यालय पहुंची, तो एसपी सांईकृष्णा एस थोटा ने फौरन संज्ञान लिया। उन्होंने कहा, “शिकायत मिली है। एसडीओपी सिवनी मालवा को जांच सौंपी गई है। आरोपों की सच्चाई जांच में सामने आएगी, उसके बाद वैधानिक कार्रवाई होगी।” यह कदम सराहनीय है, लेकिन पीड़ितों को लगता है कि देरी से न्याय मिलेगा या नहीं।
दूसरी तरफ शिवपुर टीआई विवेक यादव ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया, “ये लोग बाबरी घाट में रहते हैं। उस रात शिकायत आई थी कि रात 12 बजे तक डीजे बजा रहे थे और शराब पीकर गड़बड़ कर रहे थे। पुलिस मौके पर पहुंची, जब नहीं माने तो थाने लाए।
मेडिकल सिवनी मालवा करवाया, फिर समझाइश देकर परिजनों को सौंप दिया। कोई मारपीट या अड़ीबाजी नहीं हुई।” टीआई का यह बयान पीड़ितों के दावों से टकरा रहा है और अब जांच ही फैसला लेगी कि कौन सच्चा है।