PM Modi Mother AI Video : पटना। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जहां AI टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां हीराबेन मोदी की छवि को निशाना बनाने के लिए हो गया। पटना हाईकोर्ट ने कांग्रेस पर सख्ती दिखाते हुए तत्काल इस विवादित AI वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाने का निर्देश दिया है। यह फैसला कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश पी.बी. बाजंतरी की अदालत में सुनवाई के दौरान आया।
वीडियो का विवादास्पद कंटेंट
यह विवाद 10 सितंबर को तब भड़का जब बिहार कांग्रेस के आधिकारिक X हैंडल पर एक 36 सेकंड का AI-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया गया। वीडियो में PM मोदी का एक लुक-अलिक बिस्तर पर लेटते हुए कहता नजर आता है, “आज की वोट चोरी हो गई, अब अच्छी नींद लो।”
इसके बाद सपने के दृश्य में उनकी मां हीराबेन मोदी का AI-आधारित चित्रण प्रकट होता है, जो बेटे को राजनीतिक लाभ के लिए मां के नाम का दुरुपयोग करने पर फटकार लगाती है।
वीडियो पर ‘AI GENERATED’ का मार्क था, लेकिन BJP ने इसे घिनौना और मां का अपमान करार दिया। BJP नेताओं ने इसे महिलाओं की गरिमा का उल्लंघन बताते हुए पटना हाईकोर्ट का रुख किया, जहां उन्होंने वीडियो को PM की छवि धूमिल करने वाला बताया।
कोर्ट का सख्त रुख
पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि यह वीडियो तत्काल प्रभाव से सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स – जैसे X, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि – से हटा दिया जाए। अदालत ने इसे प्रधानमंत्री और उनकी मां को अपमानित करने वाला माना, जो सामाजिक सद्भाव के लिए हानिकारक है। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश पी.बी. बाजंतरी ने कांग्रेस को चेतावनी दी कि वीडियो न हटाने पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
BJP ने दर्ज कराई FIR
BJP ने इस वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने दावा किया कि यह न केवल PM मोदी की छवि को बदनाम करता है, बल्कि दिवंगत हीराबेन मोदी का अपमान भी है, जो पूरे देश की महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। दिल्ली में BJP कार्यकर्ता संकेत गुप्ता की शिकायत पर 13 सितंबर को नॉर्थ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई।
FIR में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं– जैसे मानहानि, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और महिलाओं के सम्मान का उल्लंघन – का हवाला दिया गया। BJP नेताओं, जैसे गिरिराज सिंह और शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस पर ‘मानसिक दिवालियापन’ का आरोप लगाया और कहा कि यह वीडियो बिहार चुनाव से पहले सहानुभूति बटोरने की साजिश है।
कांग्रेस ने किया बचाव
कांग्रेस ने वीडियो का बचाव करते हुए कहा कि इसमें कोई अपमान नहीं है। पार्टी के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मां तो अपने बच्चे को राजधर्म सिखा रही है। अगर PM को यह अपमानजनक लगता है, तो यह उनकी समस्या है।” खेड़ा ने जोड़ा कि BJP इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है और वीडियो में कोई असम्मानजनक शब्द या इशारा नहीं है।
बिहार कांग्रेस ने आंतरिक जांच शुरू की है ताकि पता लगाया जा सके कि वीडियो पोस्ट करने वाले कौन जिम्मेदार थे। पार्टी ने इसे ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का हिस्सा बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य राजनीतिक जवाबदेही पर जोर देना था, न कि व्यक्तिगत हमला।