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Guest Teacher Protest : भोपाल में अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन, अंबेडकर पार्क में अवकाश और स्थायी नौकरी की कर रहे मांग

Guest teachers protest in Bhopal

Bhopal Guest Teacher Protest : भोपाल, मध्य प्रदेश। भोपाल के अंबेडकर मैदान, तुलसी नगर में ‘गुरु दक्षिणा’ कार्यक्रम के तहत धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेश भर से आए ये शिक्षक सरकार से नियमितीकरण, अवकाश और सम्मान की मांग कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह को आमंत्रित किया गया है, ताकि उनकी आवाज सीधे सत्ता तक पहुंचे।

मंगलवार सुबह से ही अंबेडकर मैदान में अतिथि शिक्षकों का सैलाब उमड़ पड़ा। यह कार्यक्रम ‘गुरु दक्षिणा’ के नाम से चलाया जा रहा है, जो शिक्षकों की सेवा को सम्मान देने का प्रतीक है। लेकिन आयोजकों का कहना है कि यह सम्मान अब दबाव में बदल गया है।

प्रदेश भर से हजारों शिक्षक यहां पहुंचे हैं- सिंगरौली, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर से। आजाद अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष पुष्कर (सिंगरौली) ने बताया कि पुलिस ने एनओसी दी है, लेकिन सिर्फ निर्धारित कार्यक्रम के लिए। उन्होंने कहा “हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन हमारी मांगें अनसुनी न रहें”।

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यह प्रदर्शन इसलिए खास है क्योंकि इसमें स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह को आमंत्रित किया गया है। अतिथि शिक्षक चाहते हैं कि मंत्री जी के सामने ही अपनी बात रखें। एक शिक्षिका ने भावुक होकर कहा, “हम बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन खुद का भविष्य अंधेरे में है।

पूर्व में ‘गुरुजी’ शिक्षकों को नियमित किया गया था, उसी तरह हमें भी स्थायी नीति दें।” यह मांग न सिर्फ नौकरी की स्थिरता की है, बल्कि सम्मान की भी। वर्षों की मेहनत के बाद भी असुरक्षा का साया – यह अतिथि शिक्षकों की दर्दनाक हकीकत है।

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स्थायित्व से अवकाश तक

अतिथि शिक्षक समन्वय संघ के प्रतिनिधि सुनील सिंह परिहार ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन प्रदेश स्तर पर है और संघ की ओर से मंत्री को एक विस्तृत प्रस्ताव सौंपा जाएगा।

भविष्य की सुरक्षा: अतिथि शिक्षकों को स्थायी नौकरी का आश्वासन दें। सीधी भर्ती या प्रमोशन में वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को बाहर न करें।
सेवा सुरक्षा: 18 साल से अधिक समय से काम कर रहे अतिथि शिक्षकों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के नौकरी से न हटाएं। यह अनुचित और अमानवीय है।
अवकाश नीति: नियमित शिक्षकों की तरह अवकाश के अधिकार दें। अन्य विभागों में 13 कैजुअल लीव (सीएल) और 3 अर्जित अवकाश (ईएल) मिलते हैं, वही सुविधा अतिथि शिक्षकों को भी मिलनी चाहिए।

प्रतिनिधि सुनील सिंह परिहार ने कहा, “हम सिर्फ वेतन नहीं, सम्मान मांग रहे हैं। सरकार ने पहले आश्वासन दिए, लेकिन अब समय अमल का है।” ये मांगें न सिर्फ व्यक्तिगत जीवन को आसान बनाएंगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेंगी।

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