MP News : अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में कांग्रेस के दिग्गज नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार पहुंचे। यहां कांग्रेस की एक सभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए नारे लगे। कार्यकर्ता हमारा मुख्यमंत्री कैसा हो, उमंग सिंघार के जैसा हो के नारे लगाने लगे। यह देखकर नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘2028 अभी तो दूर है, भाइयों!’।
सिंघार अनूपपुर के इस दौरे पर पहले मां नर्मदा के दर्शन को गए। आरती की थाली हाथ में लिए, जब वे गंगा-जमुनी भक्ति में डूबे थे, तभी दूर से वही नारे गूंजने लगे। पास खड़े पुजारी ने उत्सुकता से पूछा, ‘आपके मन में क्या चल रहा है?। सिंघार ने भावुक स्वर में जवाब दिया, ‘मां, जब तक मेरा जीवन चलेगा, तब तक मैं जनता की सेवा करता रहूंगा।’ उन्होंने साफ कहा कि कभी उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री बनाने की बात नहीं की। यह सब पार्टी का फैसला है, आगे जो होगा, देखा जाएगा।
सभा में बातचीत आगे बढ़ी तो सिंघार ने एक सवाल का सामना किया – ‘2028 में क्या कांग्रेस की सरकार बनेगी? क्या विधायक फिर नहीं बिकेंगे?’। उनकी आंखों में चमक आ गई। बोले, ‘जब हमारी पूर्ण बहुमत वाली सरकार आएगी, तो विधायक बिक्री का सवाल ही पैदा नहीं होगा। कई भाजपा के नेता तो पहले ही हमारे संपर्क में हैं!’। यह बयान सभा में तालियों की बौछार बन गया। लग रहा था, राजनीतिक हवा बदल रही है, और सिंघार जैसे नेता इसे साकार करने को बेताब हैं।
लेकिन सभा का असली रंग तब चढ़ा जब सिंघार ने खाद के संकट पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘सरकार दावा करती है कि मध्य प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं, लेकिन रीवा में किसानों को खाद के लिए लाठियां क्यों खानी पड़ीं?’। केंद्र की फर्टिलाइजर मंत्री जेपी नड्डा खुलेआम कहते हैं कि यहां पर्याप्त स्टॉक है, तो यह खाद आखिर कहां गायब हो रही है? किसान परेशान, खेत सूने और सरकार की नींद टूटी ही नहीं।
इसी क्रम में सिंघार ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तीखा प्रहार किया। बोले, ‘शिवराज जी किसान के बेटे हैं, मध्य प्रदेश पर इतने साल राज किया, लेकिन अब भगोड़े हो गए लगते हैं। पंजाब में किसानों की फसल देखने चले गए, वहां पानी में उतरकर फोटो खिंचवा रहे हैं। कह रहे हैं, ‘देखो, मैं किसानों का हितैषी हूं!’ लेकिन मध्य प्रदेश में खाद की किल्लत पर एक मीटिंग भी नहीं बुलाई। न आपने कुछ किया, न मुख्यमंत्री ने। यह कैसी हितैषिता है?’। सभा में हंसी और गुस्से का मिश्रण फैल गया। कार्यकर्ता तालियां पीटते हुए चिल्लाए, ‘शिवराज भागो!’।
सभा का अंत चुनाव आयोग पर हमले से हुआ। सिंघार ने कहा, ‘चुनाव आयोग का कमिश्नर भाजपा का एजेंट बन गया है। राहुल गांधी ने सीसीटीवी फुटेज मांगे, तो बहाना बना दिया कि ‘महिलाएं हैं, इसलिए नहीं दे सकते’। हम तो जानना चाहते थे कि पोलिंग के बाद 5 बजे अचानक 2-5 फीसदी वोट कैसे बढ़ जाते हैं। यानी एक बूथ पर 200-300 लोग अचानक कहां से आ जाते हैं? भाजपा चुनाव आयोग का खुला दुरुपयोग कर रही है।’। यह बातें न सिर्फ सभा को गरमा गईं, बल्कि पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गईं।