Daily Wage Worker gets Tax Notice in Sehore News : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के खाईखेड़ा गांव में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर राकेश सिसौदिया को विभाग ने 25 लाख रुपये के टर्नओवर का नोटिस थमा दिया है। जी हां, वही टर्नओवर जो किसी बड़े व्यापारी का हो सकता है, लेकिन एक गरीब परिवार के लिए तो बर्बादी का पहाड़। गांव में ये खबर जंगल की आग की तरह फैल गई है और लोग हैरान हैं कि आखिर ऐसी गलती कैसे हो गई?
राकेश सिसौदिया का जीवन तो रोजगार की तलाश में ही बीत जाता है। सुबह-सुबह उठकर खेतों या निर्माण स्थलों पर मजदूरी करते हैं, शाम को थकान के साथ घर लौटते हैं। उनके पास न कोई दुकान है, न जमीन का टुकड़ा, न कोई बड़ा कारोबार। परिवार का पूरा गुजारा राशन पर्ची पर मिलने वाले अनाज से चलता है।

तीन छोटे बच्चे – दो बेटियां और एक बेटा – जो स्कूल जाते हैं और खेलते हैं, उनके सपनों को पोषित करने के लिए राकेश दिन-रात एक कर देते हैं। लेकिन अब ये नोटिस आ गया।
विभाग ने न सिर्फ 25 लाख के टर्नओवर पर टैक्स की मांग की, बल्कि उनकी राशन पर्ची भी कैंसल कर दी। कल्पना कीजिए, जब पेट की भूख मिटाने का एकमात्र सहारा भी छीन लिया जाए, तो परिवार का क्या हाल होगा?
राकेश की पत्नी सीमा बताती हैं, “हम तो कभी 25 हजार भी नहीं कमाते महीने भर में। ये नोटिस आया तो लगा जैसे आसमान टूट गया। बच्चे पूछते हैं, पापा क्या हुआ? हम क्या जवाब दें?”
ये मामला इतना सीरियस हो गया है कि राकेश ने स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पूरी घटना की जांच की मांग की। राकेश का कहना है, “साहब, मैं तो मजदूरी करता हूं, कभी टैक्स का फॉर्म भरा ही नहीं। ये गलती किसी और की होगी, लेकिन हम पर क्यों? हम तो इतना भी नहीं कमा पाते कि ये रकम चुका सकें।”
गांव के सरपंच रामस्वरूप यादव ने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि राकेश एक ईमानदार परिवार का मुखिया है, और ये नोटिस शायद डेटा एंट्री की चूक से आया हो। ग्रामीणों में गुस्सा भरा हुआ है।
एक बुजुर्ग किसान ने कहा, “विभाग वाले कंप्यूटर पर नाम टाइप करते समय गड़बड़ कर देते हैं। गांव वालों का आरोप है कि सिस्टम की लापरवाही से कमजोर वर्ग के हक पर डाका पड़ रहा है।
