Haidri Dal Head Arrested from MP : छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश । उत्तर प्रदेश के बरेली में कट्टरपंथी संगठन ‘हैदरी दल’ के मुख्य संचालक अकबर खान को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी न केवल एक व्यक्ति की है, बल्कि पूरे नेटवर्क को उजागर करने वाली है, जो मुसलमानों को हिंदुओं के खिलाफ भड़काने का काम कर रहा था। इस दल द्वारा फर्जी वीडियो, भड़काऊ पोस्ट और धार्मिक वैमनस्यता फैलाने की साजिश इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप के जरिए की जाती थी।
बरेली पुलिस की स्पेशल सेल ने 11 सितंबर 2025 को अकबर खान को छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया। एसपी सिटी मानुष पारीक ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि अकबर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर का रहने वाला है, लेकिन उसका परिवार मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बस गया है। वह वहां से ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर ‘हैदरी दल’ को चला रहा था।
अकबर ने इंस्टाग्राम पर दो अकाउंट बनाए थे, ‘टीम हैदरी दल’ और ‘हैदरी दल ऑफिशियल’ जबकि यूट्यूब पर ‘राष्ट्रीय टीवी’ नाम का चैनल ऑपरेट कर रहा था। इसके अलावा, वह कई वॉट्सऐप ग्रुप्स भी चला रहा था, जहां कट्टर विचारधारा को बढ़ावा दिया जाता था।
पूछताछ में अकबर ने कबूल किया कि उसका मुख्य मकसद देशभर के मुसलमानों में गलतफहमियां पैदा करना और उन्हें हिंदुओं के खिलाफ भड़काना था। वह फर्जी फोटो और वीडियो बनाकर पोस्ट करता था, जैसे कि मुसलमानों पर अत्याचार हो रहे हैं, मस्जिदों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं या मुस्लिम लड़कियों को हिंदू लड़के ‘भगवा लव ट्रैप’ में फंसा रहे हैं। ये सभी दावे झूठे थे लेकिन इनका उद्देश्य समाज में नफरत का बीज बोना था। अकबर ने बताया कि वह दूसरे देशों या अन्य जगहों के वीडियो को एडिट करके भारत से जोड़ देता था, ताकि धार्मिक तनाव भड़के।
एसपी पारीक ने कहा, “यह संगठन सोशल मीडिया पर जहर उगल रहा था, और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” पुलिस अब अकबर की कॉल डिटेल्स, चैट हिस्ट्री और फॉलोअर्स की जांच कर रही है, ताकि पता लगे कि उसके नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं।
इस मामले की शुरुआत 7 जून 2025 को हुई, जब ‘हैदरी दल’ ने इंस्टाग्राम पर बरेली के गांधी उद्यान पार्क में लड़कियों के साथ बदसलूकी के वीडियो शेयर किए। इन वीडियो में संगठन के सदस्य मुस्लिम लड़कियों को रोककर उनके परिधान, साथियों के धर्म के बारे में पूछताछ करते दिखे, जिससे वे असहज और असुरक्षित महसूस कर रही थीं।
हिंदू जागरण मंच के अध्यक्ष हिमांशु पटेल ने इन वीडियो को X (पूर्व ट्विटर) पर शेयर कर पुलिस से शिकायत की। उन्होंने लिखा, “बरेली के गांधी उद्यान पार्क में हैदरी दल के लोग जाकर लड़के-लड़कियों को परेशान करते हैं, धमकी देते हैं और उनकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते हैं। आखिर इन लोगों को परमिशन किसने दी कि पार्कों में जाकर लड़के-लड़कियों की आइडेंटिटी चेक करो?”
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इस शिकायत पर 8 जून को कोतवाली थाने में चौराहा चौकी इंचार्ज नितिन राणा ने मुकदमा दर्ज किया। FIR में लिखा गया कि इंस्टाग्राम आईडी ‘sofiyan_08’ से वीडियो अपलोड किया गया था, जिसकी बायो में ‘Haidri Dal Bareilly’ लिखा था। वीडियो में युवक (समुदाय विशेष) लड़कियों को सार्वजनिक स्थान पर रोककर उनकी लोक लज्जा पर टिप्पणी कर रहे थे, गैर-धर्म के लोगों से बात करने से मना कर रहे थे। समुदाय विशेष के परिधान पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही थीं। इससे दो धर्मों के बीच वैमनस्यता फैल रही थी और कानून-व्यवस्था को खतरा था।
पुलिस की जांच में अब तक ‘हैदरी दल’ के 68 इंस्टाग्राम अकाउंट्स और 12 से ज्यादा वॉट्सऐप ग्रुप्स का पता चला है। इनमें से दो अकाउंट बरेली के थे, बाकी दूसरे जिलों और राज्यों के। सभी पर मुस्लिम लड़कियों को रोकने, साथ के लड़कों को पीटने जैसे वीडियो पोस्ट किए जाते थे। गिरफ्तार सूफियान के अकाउंट पर 4,000 से ज्यादा फॉलोअर्स थे, लेकिन पुलिस ने सभी वीडियो डिलीट करवा दिए।
इससे पहले भी बरेली पुलिस ने इस संगठन के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। पहला केस नंबर 291/25 था, और 3 सितंबर को दूसरा केस 444/25 दर्ज हुआ, जिसमें आईटी एक्ट की धारा 66 समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गईं।
हैदरी दल कोई नया नाम नहीं है। यह एक कट्टर इस्लामिक संगठन है, जिसका मुख्यालय छिंदवाड़ा में माना जाता है। पहले जून 2025 में इसके संस्थापक मोहम्मद नबी हसन को मदरसा छात्र के साथ कुकर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसके फोन से 40 अश्लील वीडियो बरामद हुए, और वह ‘हैदरी दल 25 बरेली’ नाम से ग्रुप चला रहा था। इसके अलावा, जून में ही दो अन्य सदस्यों – जैश रिजवी और शानू – को पार्क में लड़कियों से बदसलूकी के लिए पकड़ा गया।
एक मेडिकल छात्र और एक इंजीनियरिंग छात्र भी इसमें शामिल पाए गए। संगठन ‘भगवा लव ट्रैप’ जैसी अफवाहें फैलाकर युवाओं को भड़काता था। पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क बड़े स्तर पर चंदा इकट्ठा कर रहा था, और इमाम जैसे लोग इसमें शामिल हो सकते हैं।
अब पुलिस अकबर के जरिए पूरे नेटवर्क को तोड़ने की तैयारी में है। एसपी पारीक ने कहा कि जांच में कई इनपुट मिले हैं और जल्द ही अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी होगी। यह कार्रवाई सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।