Harda Urea Shortage : हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले में मक्का की खेती का रकबा तीन गुना बढ़ने से यूरिया की मांग में भारी वृद्धि हुई है। किसानों को यूरिया प्राप्त करने के लिए सुबह 3 बजे से ही लाइन में लगना पड़ रहा है। कृषि विभाग के गलत आकलन और वितरण व्यवस्था में खामियों के कारण किसान परेशान हैं।
सोमवार 8 सितंबर 2025 को एमपी एग्रो और विपणन संघ के गोदाम पर यूरिया की अफवाह के बाद किसान सुबह 4 बजे से लाइन में लग गए, लेकिन POS मशीन पर एंट्री न होने के कारण 11 बजे तक वितरण नहीं हो सका। नाराज किसानों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर टोकन सिस्टम की मांग की।
मक्का की खेती में उछाल
कृषि उप संचालक जवाहरलाल कास्दे के अनुसार, 2025-26 खरीफ सीजन में मक्का का रकबा पिछले साल के 15.3 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 20.8 लाख हेक्टेयर हो गया है। मक्का की खेती में यूरिया की खपत अधिक होने के कारण मांग में भारी इजाफा हुआ। पिछले साल की तुलना में इस बार यूरिया की मांग 1 लाख मीट्रिक टन बढ़ी है।
यूरिया की आपूर्ति और वितरण
शनिवार को जिले को 2300 मीट्रिक टन (MT) यूरिया प्राप्त हुआ, जिसमें से 850 MT हरदा के किसानों को आवंटित किया गया। शेष यूरिया देवास और नसरूल्लागंज भेजा गया।
30 सहकारी समितियों और एमपी एग्रो गोदाम से 80 MT यूरिया का वितरण किया जा रहा है।
14 समितियों में 22 टन और 16 समितियों में 25 टन यूरिया का भंडारण किया गया है।
खरीफ सीजन 2025 में 26,500 MT यूरिया की मांग के मुकाबले अब तक 25,794.892 MT यूरिया प्राप्त हुआ, जो पिछले साल की 23,402.5 MT की तुलना में अधिक है।
किसानों की शिकायतें
किसानों का आरोप है कि वितरण व्यवस्था में खामियां हैं, और फर्जी किसान लाइन में लगकर यूरिया ले रहे हैं, जिससे जरूरतमंद किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा। POS मशीन पर एंट्री में देरी और अफवाहों के कारण भीड़ बढ़ रही है। किसानों ने टोकन सिस्टम लागू करने की मांग की ताकि वितरण पारदर्शी हो।
प्रशासन की लापरवाही
कृषि विभाग ने मक्का की बोवनी का सही आकलन नहीं किया, जिससे यूरिया की मांग अप्रत्याशित रूप से बढ़ी। सितंबर 2025 में मध्य प्रदेश में 4 लाख MT यूरिया की मांग थी, लेकिन 6 सितंबर तक केवल 60,000 MT की आपूर्ति हो सकी। कृषि उप संचालक जवाहरलाल कास्दे ने बताया कि बाकी खाद 25 दिन में आने का भरोसा दिया गया है।