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New GST Rates : टीवी-वॉशिंग मशीन से कार-बाइक तक सस्ती, लग्जरी चीजें होंगी महंगी, जानिये पूरी लिस्ट

New GST Rates

New GST Rates : नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के भाषण में GST (Goods and Services Tax) में बड़े बदलाव का ऐलान किया था, जिसे 56वीं GST काउंसिल मीटिंग में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में मंजूरी दे दी गई। अब GST की चार स्लैब (5%, 12%, 18%, और 28%) को घटाकर सिर्फ दो स्लैब (5% और 18%) कर दिया गया है। इसके अलावा, 40% की विशेष स्लैब को लग्जरी और ‘सिन गुड्स’ जैसे तंबाकू, सिगरेट, और पान मसाला के लिए लागू किया गया है। ये बदलाव 22 सितंबर 2025 (नवरात्रि का पहला दिन) से लागू होंगे। इससे रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जाएंगी, जबकि लग्जरी आइटम्स और तंबाकू-सिगरेट महंगे होंगे। आइए, विस्तार से जानते हैं कि क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा हुआ।

GST में बदलाव: 

पहले GST की चार मुख्य स्लैब थीं: 5%, 12%, 18%, और 28% साथ ही कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर कम्पन्सेशन सेस (1% से 290% तक) लागू था। अब नए रिफार्म के बाद इस प्रकार है:

5% स्लैब: रोजमर्रा की जरूरतों और आवश्यक वस्तुओं के लिए।
18% स्लैब: ज्यादातर उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं के लिए।
40% स्लैब: केवल लग्जरी और सिन गुड्स (जैसे तंबाकू, पान मसाला, और महंगी गाड़ियां) के लिए।
0% स्लैब: कुछ आवश्यक वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं।

कम्पन्सेशन सेस को मार्च 2026 तक खत्म कर दिया जाएगा, और इसके बाद सिन गुड्स पर 40% की एकसमान दर लागू होगी। तंबाकू, सिगरेट, और पान मसाला जैसे उत्पादों पर मौजूदा दरें (28% GST + सेस) तब तक लागू रहेंगी, जब तक कम्पन्सेशन सेस के तहत ऋण और ब्याज का भुगतान पूरा नहीं हो जाता।

क्या हुआ सस्ता?
GST काउंसिल ने कई रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स घटाकर आम लोगों को राहत दी है। नई दरों से निम्नलिखित चीजें सस्ती होंगी:
1. खाने-पीने का सामान

0% GST (पहले 5% या 18%):
दूध, छेना, पनीर, पिज्जा ब्रेड, खाखरा, सादी चपाती, रोटी, और पराठा।
रबड़, मानचित्र, पेंसिल, शार्पनर, और अभ्यास पुस्तिकाएं।

5% GST (पहले 12% या 18%):
मक्खन, घी, सूखे मेवे, कंडेंस्ड दूध, पनीर, अंजीर, खजूर, एवोकाडो, सॉसेज, मांस, चीनी से बनी मिठाइयां, जैम, जेली, नारियल पानी, नमकीन, 20 लीटर की पानी की बोतल, फलों का रस, आइसक्रीम, पेस्ट्री, बिस्कुट, कॉर्न फ्लेक्स, और अनाज युक्त पेय।
शैम्पू, टैल्कम पाउडर, टूथपेस्ट, टूथब्रश, फेस पाउडर, साबुन, और हेयर ऑयल।

2. रोजमर्रा की चीजें

5% GST (पहले 12%):
दूध की बोतलें, रसोई के बर्तन, छाते, साइकिल, बांस के फर्नीचर, और कंघी।

18% GST (पहले 28%):
टीवी (सभी आकार), वॉशिंग मशीन, डिशवॉशर, और एयर कंडीशनर।
सीमेंट (निर्माण सस्ता होगा)।

3. खेती-किसानी से जुड़ा सामान

5% GST (पहले 12% या 18%):
15 हॉर्स पावर तक के डीजल इंजन, हैंड पंप, ड्रिप सिंचाई उपकरण, स्प्रिंकलर नोजल, मिट्टी तैयार करने वाली मशीनें, कटाई और थ्रेसिंग मशीनें, कंपोस्टिंग मशीन, और ट्रैक्टर (1800 सीसी से ज्यादा इंजन वाले सेमी-ट्रेलर ट्रैक्टर को छोड़कर)।
ट्रैक्टर के पिछले टायर, ट्यूब, हाइड्रोलिक पंप, और अन्य कलपुर्जे।
सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, अमोनिया, और नीम-आधारित कीटनाशक जैसे उर्वरक और जैव कीटनाशक।

4. दवाइयां और बीमा

0% GST (पहले 12%):
33 जीवन रक्षक दवाएं, कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की 3 दवाएं।

5% GST (पहले 12%):
अन्य सभी दवाइयां।

0% GST (पहले 18%):
लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम।

5. कपड़े और जूते

5% GST (पहले 12%):
2,500 रुपये से कम कीमत के कपड़े और जूते।

18% GST (पहले 12%):
2,500 रुपये से ज्यादा कीमत के कपड़े और जूते।

6. गाड़ियां

18% GST (पहले 28%):
1,200 सीसी से कम और 4,000 मिमी से कम लंबाई वाली पेट्रोल, LPG, और CNG गाड़ियां।
1,500 सीसी और 4,000 मिमी तक लंबाई वाली डीजल गाड़ियां।
350 सीसी तक की मोटरसाइकिलें।

5% GST (पहले जैसा):
इलेक्ट्रिक वाहन (EVs)।

क्या हुआ महंगा?
40% GST स्लैब में शामिल वस्तुएं और सेवाएं महंगी होंगी:

सिन गुड्स:
पान मसाला, तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी, और जर्दा (रिटेल सेल प्राइस पर टैक्स)।
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, फलों के रस वाली ड्रिंक्स, और ज्यादा चीनी वाली ड्रिंक्स।

लग्जरी आइटम्स:
1,200 सीसी से ज्यादा और 4,000 मिमी से ज्यादा लंबी गाड़ियां।
350 सीसी से ज्यादा की मोटरसाइकिलें, प्राइवेट जेट, और रेसिंग कारें।

जुआ और मनोरंजन:
रेस क्लब, कसीनो, घुड़दौड़, लॉटरी और ऑनलाइन मनी गेमिंग।

तंबाकू, सिगरेट और पान मसाला पर मौजूदा 28% GST + कम्पन्सेशन सेस तब तक लागू रहेगा, जब तक ऋण और ब्याज का भुगतान पूरा नहीं हो जाता। इसके बाद इन पर 40% GST लागू होगा।

राज्यों का घाटा

48,000 करोड़ का घाटा: रेवेन्यू सेक्रेटरी अरविंद श्रीवास्तव के अनुसार, GST दरों में कटौती से 48,000 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा होने का अनुमान है।
खपत बढ़ने की उम्मीद: चीजें सस्ती होने से मांग बढ़ेगी, जो भारत की 61.4% खपत-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी।
अमेरिकी टैरिफ का जवाब: अमेरिका द्वारा भारतीय आयात पर 50% टैरिफ लगाए जाने के बाद, GST सुधारों से GDP में 0.5% की अतिरिक्त वृद्धि की उम्मीद है, जो टैरिफ के प्रभाव को कम करेगा।
राज्यों का नुकसान: राज्यों को GST राजस्व में हिस्सेदारी मिलती है, और दरों में कटौती से उनका राजस्व प्रभावित होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सिन गुड्स पर 28% GST + कम्पन्सेशन सेस से इसकी भरपाई की जाएगी।

क्यों हुआ यह बदलाव?

  • GST को 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था, और 8 साल बाद यह सबसे बड़ा सुधार है। इसका उद्देश्य:
  • आम लोगों के लिए राहत: रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स कम कर खर्च कम करना।
  • उपभोग बढ़ाना: सस्ती वस्तुओं से मांग बढ़ेगी, जो अर्थव्यवस्था को गति देगी।
  • इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में सुधार: इनपुट और आउटपुट टैक्स में असमानता को ठीक करना, जिससे व्यवसायों को कार्यशील पूंजी की समस्या न हो।
  • प्रक्रिया सरलीकरण: प्री-फिल्ड रिटर्न, ऑटोमेटेड रिफंड, और आसान रजिस्ट्रेशन से व्यवसायों को राहत।

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