Latest

स्कूलों में ट्रांसजेंडर समावेशी यौन शिक्षा की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र समेत राज्य सरकारों से मांगा जवाब

Supreme Court

Demand for Comprehensive Sexuality Education in Schools : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने स्कूली पाठ्यक्रमों में ट्रांसजेंडर समावेशी यौन शिक्षा को शामिल करने की मांग वाली एक याचिका पर NCERT, केंद्र सरकार और 6 राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह याचिका दिल्ली के वसंत वैली स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा काव्या मुखर्जी साहा ने दायर की है।

मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ 16 वर्षीय दिल्ली की छात्रा काव्या मुखर्जी साहा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उनकी ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में स्कूल शिक्षा में सीएसई को शामिल करने का स्पष्ट निर्देश दिया था, लेकिन एनसीईआरटी ने हाल ही में आरटीआई के जवाब में स्वीकार किया कि उसके पाठ्यक्रम में इस तरह की सामग्री शामिल करने की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

अधिवक्ता ने कहा कि यौन शिक्षा केवल औपचारिकता नहीं हो सकती, इसमें लैंगिक संवेदनशीलता और ट्रांसजेंडर-समावेशी दृष्टिकोण भी शामिल होना चाहिए।

यह खबर भी पढ़ें

https://abdulbreaking.com/2025/08/18/this-is-the-story-of-bhopal-from-princely-to-capital/

याचिका में क्या ?

याचिका में कहा गया है कि एनसीईआरटी और अधिकांश राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषदों (SCERTs) ने अब तक लैंगिक पहचान, लैंगिक विविधता और सेक्स व जेंडर के बीच अंतर जैसे विषयों को संरचित या परीक्षोपयोगी सामग्री के रूप में शामिल नहीं किया है, जबकि ट्रांसजेंडर पर्सन्स (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 में इसकी स्पष्ट रूप से आवश्यकता बताई गई है।

याचिका में महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पंजाब, तमिलनाडु और कर्नाटक की पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा का हवाला दिया गया है, जिनमें इन मुद्दों की व्यवस्थित अनदेखी पाई गई, जबकि केरल ने आंशिक रूप से इन्हें शामिल किया है।

साथ ही याचिका में यूनेस्को और डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रकाशित इंटरनेशनल टेक्निकल गाइडेंस ऑन सेक्सुअलिटी एजुकेशन (ITGSE) का उल्लेख किया गया है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 2024 के फैसले में वैश्विक मानक के रूप में स्वीकार किया था।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *