MP Rajya Sabha Election : भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस की तरफ से मीनाक्षी नटराजन का नाम सामने आने के बाद पार्टी के अंदर ही विरोध की आवाजें उठने लगी हैं। कई नेता इस फैसले से नाराज बताए जा रहे हैं और उम्मीदवार को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
मीनाक्षी नटराजन के नाम पर क्यों मचा बवाल?
जानकारी के मुताबिक, राज्यसभा की दौड़ में शामिल कुछ नेताओं और उनके समर्थकों को मीनाक्षी नटराजन का नाम पसंद नहीं आया है। यही वजह है कि पार्टी के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी को टैग करते हुए उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाए। वहीं पार्टी के कुछ नेता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को राज्यसभा भेजने की मांग कर रहे हैं। इससे साफ है कि उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस में अभी पूरी सहमति नहीं बन पाई है।
जीतू पटवारी और उमंग सिंघार के लिए बड़ी चुनौती
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों नेता नाराज नेताओं को मना पाएंगे और पार्टी को एकजुट रख पाएंगे? क्योंकि अगर असंतोष बढ़ता है तो इसका असर चुनाव पर भी पड़ सकता है।
बीजेपी ने बढ़ाया सस्पेंस
वहीं, दूसरी ओर बीजेपी ने भी राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए चार नामांकन फॉर्म खरीदे हैं, जिसके बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि बीजेपी ने अभी तक अतिरिक्त उम्मीदवार के नाम का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कुछ नेताओं को तैयार रहने के संकेत दिए गए हैं।
प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि अगर बीजेपी तीसरा उम्मीदवार उतारती है, तो उसे जिताने की पूरी कोशिश की जाएगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों और संभावित रणनीतियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्या कांग्रेस की नाराजगी बीजेपी को फायदा पहुंचाएगी?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर कांग्रेस के अंदर नाराजगी बनी रहती है, तो बीजेपी इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकती है। मध्य प्रदेश में पहले भी ऐसे राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिले हैं, जब आखिरी समय में बदले समीकरणों ने चुनावी तस्वीर बदल दी थी।
सबकी नजरें राज्यसभा चुनाव पर
फिलहाल कांग्रेस के भीतर बढ़ती नाराजगी और बीजेपी के सस्पेंस ने राज्यसभा चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस अपने नेताओं को एकजुट रख पाती है या नहीं, और बीजेपी आगे क्या रणनीति अपनाती है। आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति में और भी बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।