NEET paper leak : मऊगंज। देशभर में चर्चित नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर जारी जांच और विवादों के बीच मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। नईगढ़ी जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम मगनिया निवासी प्रतिभाशाली छात्रा की आत्महत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस घटना के बाद परिजनों में गहरा शोक है, वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
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डॉक्टर बनने का सपना और पिता का संघर्ष
छात्रा एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनके पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी ने सीमित संसाधनों के बावजूद बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था। इसके लिए वे परिवार सहित नागपुर चले गए थे, जहां उन्होंने परिवार के भरण-पोषण और बेटी की पढ़ाई के लिए भोजन बनाने का कार्य शुरू किया।
परिजनों के अनुसार, हृदय रोग और बाईपास सर्जरी के बावजूद कृष्ण कुमार दिन-रात करीब 18 घंटे तक मेहनत करते थे, ताकि बेटी की पढ़ाई में किसी तरह की कमी न रहे। समीक्षा भी अपने पिता के संघर्ष को समझते हुए पूरी लगन से नीट की तैयारी कर रही थीं।
परीक्षा के बाद आत्मविश्वास, फिर तनाव
बताया जा रहा है कि नीट परीक्षा देने के बाद छात्रा ने आत्मविश्वास के साथ अपने पिता से कहा था कि उनका पेपर अच्छा गया है और उनका डॉक्टर बनने का सपना पूरा होने वाला है। लेकिन बाद में परीक्षा को लेकर सामने आई अनियमितताओं और कथित पेपर लीक की खबरों ने उन्हें गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया।
परिजनों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठे विवादों के बाद छात्रा मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थीं। इसी बीच उन्होंने यह कदम उठा लिया, जिससे परिवार पूरी तरह टूट गया है।
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घटना के बाद सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंज बिहारी तिवारी ने परिजनों से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस घटना को केवल आत्महत्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उन परिस्थितियों की भी जांच जरूरी है, जिनके कारण एक प्रतिभाशाली छात्रा गहरे तनाव में चली गई।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता से छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।