Narmadapuram News : नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश। सोशल मीडिया पर बनी दोस्ती ने एक परिवार को उजाड़ दिया और दूसरे परिवार को सदमे में डाल दिया। नर्मदापुरम जिले में बुधवार को दो सहेलियों ने टॉयलेट क्लीनर पीकर अपनी जान देने की कोशिश की। इसमें 21 साल की युवती की जिला अस्पताल में मौत हो गई, जबकि कानपुर से आई 17 साल की नाबालिग सहेली की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। उसे निजी अस्पताल के आईसीयू में रखा गया है।
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मृतका पथरौटा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली थी। वह आदिवासी समुदाय से थी और अपने मामा के घर रहकर नर्मदापुरम में कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी। दूसरी लड़की उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के बर्रा इलाके की निवासी है।
दोनों की मुलाकात और गहरी दोस्ती फेसबुक पर ही हुई थी। इसी दोस्ती के चलते नाबालिग लड़की तीन दिन पहले घर से भागकर नर्मदापुरम पहुंच गई थी। शुरुआत में वह अपनी फेसबुक सहेली के घर पर रुकी, लेकिन परिजनों को यह रिश्ता पसंद नहीं आया। इसलिए उसे मृतका की एक अन्य सहेली के घर भेज दिया गया।
मंगलवार को मृतका के जीजा दोनों लड़कियों को फिर अपने घर ले आए। शाम के समय पहले 21 साल की युवती बाथरूम में गई। उसने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और करीब 15 मिनट तक बाहर नहीं आई। जब परिजनों को शक हुआ तो उन्होंने दरवाजा तोड़ा। अंदर युवती बेहोश पड़ी थी। उसने टॉयलेट क्लीनर पी लिया था।
परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ ही देर बाद किशोरी ने भी बाथरूम में जाकर ठीक वही काम कर दिया। दोनों को पहले जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने 21 साल की युवती को मृत घोषित कर दिया।
नाबालिग लड़की की हालत ज्यादा खराब होने पर उसे शहर के बड़े निजी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।
कानपुर में लड़की के गायब होने पर उसके परिजनों ने बर्रा थाने में गुमशुदगी के साथ-साथ अपहरण का मुकदमा भी दर्ज कराया था। जैसे ही नर्मदापुरम पुलिस को पता चला, उन्होंने कानपुर पुलिस को सूचना दी। एसआई दिलीप कुमार अपनी टीम के साथ नर्मदापुरम पहुंच गए हैं।
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देहात थाना प्रभारी सौरभ पांडे ने बताया कि अभी नाबालिग लड़की की हालत ऐसी नहीं है कि उससे बयान लिया जा सके। पुलिस दोनों लड़कियों के मोबाइल फोन, फेसबुक चैट और कॉल डिटेल्स की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतना खतरनाक कदम उठाने के पीछे कोई झगड़ा, दबाव, ब्लैकमेल या कोई और वजह तो नहीं थी।