मध्यप्रदेश को भारत का दिल कहा जाता है। ये नाम यूंही नहीं पड़ा। इसके पीछे की कई वजह है। सबसे बड़ी वजह यह भौगोलिक रूप से देश के केंद्र में बसा हुआ राज्य है। इसके साथ ही यहां कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल है। जिसे देखने दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। वहीं मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को झीलों का शहर कहा जाता है। ये शहर प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक स्मारक और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध है।
ये शहर देगा खूबसूरत यादें
अगर आप यहां घूमने का प्लान बना रहे हैं तो सोचिए नहीं, क्योंकि ये शहर आपको अंत में एक खूबसूरत यादों की पोटली देगा। जिसकी ट्रिप आपको हमेशा याद रहेगी। यहां आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहां घूमने के लिए कई जगह हैं, लेकिन जो सबसे खास है वो हम आपको बताते हैं।
भोपाल में क्या है खास
भोपाल को झीलों की नगरी कहा जाता है। क्योंकि यहां एक बड़ा तालाब और एक छोटा तालाब है। जो सिर्फ प्रदेश में ही नहीं बल्कि देशभर में मशहूर हैं। लेकिन इस शहर में सिर्फ झीलें ही नहीं, भोपाल में कई ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थल भी हैं। जो इसे एक परफेक्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं। आइए जानते हैं यहां की खास जगहों के बारे में…
बड़ा तालाब
भोपाल का सबसे प्रसिद्ध स्थान बड़ा तालाब है। इसे भोजताल भी कहा जाता है। जो भारत की सबसे पुरानी मानव निर्मित झीलों में से एक है। इसका निर्माण राजा भोज ने करवाया था। इस झील के किनारे पर कमला पार्क बसा हुआ है। जो इसे और भी खूबसूरत बनाता है। आप यहां अपने दोस्त और परिवार के साथ घूम सकते हैं।

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान
बड़ा तालाब के पास ही स्थित यह राष्ट्रीय उद्यान प्रकृति प्रेमियों और वाइल्डलाइफ लवर्स के लिए एक शानदार जगह है। यहां आपको ब्लैकबक, सांभर, नीला बैल, चीतल, साही जैसे जानवर देखने को मिलते हैं। इतना ही नहीं यहां आप सुबह जाकर साइकिल से भी घूम सकते हैं। पर ध्यान दें ये पार्क मंगलवार को बंद रहता है। यहां का प्रवेश शुल्क भारतीयों के लिए 15 और विदेशियों के लिए 200 है।

सांची स्तूप
राजधानी भोपाल से बस कुछ ही दूरी कर सांची स्तूप है। जो सम्राट अशोक के काल का है। यह देश के सबसे प्रमुख बौद्ध स्मारकों में गिना जाता है। बताया जाता है कि, यहां बुद्ध के अवशेषों को संरक्षित किया गया है। सांची स्तूप सुबह 8:30 बजे खुलता है और शाम 6:00 बजे बंद हो जाता है। यहां भी आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं।

भीमबेटका गुफाएं
अगर आपको पहाड़ों के बीच में घूमने का मन है तो आप भीमबेटका गुफा की ओर जा सकते हैं। ये भोपाल से सिर्फ 45 किमी दूर ही स्थित है। आपको बता दें कि इन प्राचीन गुफाओं को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया है। ये गुफाएं 30,000 साल पुरानी हैं। जिसे पूर्व-ऐतिहासिक चित्रकला का अद्भुत नमूना कहा जाता है। ये जगह घने जंगलों के बीच स्थित हैं। यहां आप हर मौसम में जा सकते हैं।

मोती मस्जिद
राजधानी को नवाबों का शहर भी कहा जाता है। यहां मोती मस्जिद भी है। जिसे देखने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं। इस मस्जिद को सन 1844 से 1868 में सिकंदर जहां बेगम ने बनवाई थी। यह मस्जिद सफेद संगमरमर से बनी है। जो दिल्ली की जामा मस्जिद से मिलती-जुलती है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि, इसे ‘पर्ल मस्जिद’ भी कहा जाता है। इतिहास प्रेमियों के लिए यह एक अद्भुत स्थल है।
