Rajgarh News: बरसात के मौसम में हो सकती है ये बीमारी, अब तक 100 मरीज पहुंचे अस्पताल; जानिए पूरा मामला
Rajgarh News: राजगढ़ जिले में बारिश के बीच बैक्टीरियल त्वचा संक्रमण सेल्यूलाइटिस के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। इस महीने करीब 80 से 100 मरीज अस्पताल पहुंच चुके हैं। डॉक्टरों ने शुरुआती लक्षणों पर इलाज की सलाह दी है।
Rajgarh News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बारिश के मौसम के साथ सेल्यूलाइटिस के मामलों में बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिला अस्पताल में लगातार ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें पैर या शरीर के अन्य हिस्सों में लालिमा, सूजन, दर्द और त्वचा पर गर्माहट जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। अगस्त में अब तक करीब 80 से 100 मरीज सेल्यूलाइटिस से जुड़े लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंच चुके हैं। लगातार बढ़ते मामलों के कारण लोगों को संक्रमण के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी जा रही है।
गंभीर संक्रमण में काटना पड़ा मरीज का पंजा
ब्यावरा क्षेत्र से सामने आया एक मामला संक्रमण की गंभीरता को बताता है। मरीज के पैर में संक्रमण इतना बढ़ गया कि डॉक्टरों को उसका पूरा पंजा काटना पड़ा। यह स्थिति तब बनी जब संक्रमण काफी गंभीर स्तर तक पहुंच गया। सेल्यूलाइटिस को समय पर उपचार नहीं मिलने पर संक्रमण आसपास के ऊतकों में फैल सकता है। इसलिए पैर में अचानक सूजन, लालपन, दर्द या असामान्य गर्माहट महसूस होने पर खुद से इलाज करने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
चोट या त्वचा के संक्रमण से हो सकता है फैलाव
जिला अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक सिलोदिया ने बताया कि सेल्यूलाइटिस बैक्टीरिया के कारण होने वाला संक्रमण है। बारिश के मौसम में नमी और त्वचा पर होने वाली चोट या छोटे घाव संक्रमण का कारण बन सकते हैं। किसी मामूली चोट, कट, खरोंच या पहले से मौजूद त्वचा संक्रमण के जरिए बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। शुरुआत में समस्या सामान्य लग सकती है, लेकिन संक्रमण बढ़ने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
डायबिटीज और कमजोर इम्युनिटी वालों को ज्यादा सावधानी
डॉक्टर के अनुसार, डायबिटीज से पीड़ित लोगों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों में संक्रमण के गंभीर होने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को पैरों और त्वचा पर किसी भी तरह के घाव या बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर जल्द अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क कर सलाह लेनी चाहिए।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
बता दें सेल्यूलाइटिस में प्रभावित हिस्से पर लालपन, सूजन, दर्द और त्वचा का गर्म महसूस होना प्रमुख संकेत हो सकते हैं। यह आमतौर पर कट, खरोंच, चोट, कीड़े के काटने या छोटे घाव के जरिए बैक्टीरिया के शरीर में प्रवेश करने से होता है। संक्रमण बढ़ने पर बुखार और गंभीर सूजन जैसी समस्या भी हो सकती है। इसलिए लक्षण बढ़ने का इंतजार करने के बजाय समय पर जांच और उपचार कराना जरूरी है।
ऐसे रखें स्वयं का ख्याल
इससे बचने के लिए चोट या कट को तुरंत साफ करें और घाव को खुला न छोड़ें। बारिश के मौसम में पैरों को साफ और सूखा रखें, गीले जूते-कपड़े लंबे समय तक न पहनें। डायबिटीज और कमजोर इम्युनिटी वाले लोग खास सावधानी बरतें। पैर या त्वचा पर लालपन, सूजन और दर्द तेजी से बढ़े तो खुद से एंटीबायोटिक लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
