रेलवे स्टेशन की थीम पर सजी माता रानी की झांकी, भोलेनाथ बने ट्रेन के ड्राइवर और गणेश जी गार्ड
विदिशा में नवरात्रि पर रेलवे स्टेशन की थीम वाली अनोखी झांकी आकर्षण का केंद्र बनी है। करीब 120 फीट के सेटअप में भोलेनाथ ट्रेन ड्राइवर, गणेश जी गार्ड और डिब्बों में माता रानी के नौ स्वरूप दिखाए गए हैं। श्रद्धालुओं को पुराने जमाने की तर्ज पर मुफ्त रेलवे टिकट भी दिए जा रहे हैं।


Vidisha News: मध्य प्रदेश के विदिशा में नवरात्रि के मौके पर भक्ति और रेलवे के पुराने दौर का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। मोहन गिरी तिराहे पर तैयार की गई विशेष झांकी में पुराने रेलवे स्टेशन की यादें जीवंत हो उठी हैं। करीब 120 फीट के दायरे में बने इस अनूठे सेटअप में स्टीम इंजन, पुराने रेल डिब्बे और देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमाएं श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही हैं।
पुराने रेलवे स्टेशन की तर्ज पर तैयार हुआ सेटअप
जानकारी के अनुसार, झांकी में पुराने जमाने के विदिशा रेलवे स्टेशन की झलक पेश की गई है। यहां पारंपरिक शैली में ट्रेन का स्वरूप तैयार किया गया है, जिसमें उस दौर के रेलवे सिस्टम और यात्रा से जुड़ी चीजों को जगह दी गई है। इस पूरी सजावट के जरिए दर्शकों को रेलवे के पुराने समय की यादों से रूबरू कराने का प्रयास किया गया है।
स्टीम इंजन में भोलेनाथ, गार्ड की भूमिका में गणेश जी
बता दें, इस झांकी की सबसे खास बात भगवान शिव और गणेश जी की अनोखी प्रस्तुति है। पुराने स्टीम इंजन में भगवान भोलेनाथ को ड्राइवर के रूप में दर्शाया गया है, जबकि ट्रेन के आखिरी डिब्बे में भगवान गणेश गार्ड की भूमिका में नजर आते हैं। यह अनूठी कल्पना श्रद्धालुओं और बच्चों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
ट्रेन के डिब्बों में दिखाए गए माता रानी के नौ स्वरूप
साथ ही, रेल के अलग-अलग डिब्बों को देवी मां के विभिन्न स्वरूपों की झांकियों से सजाया गया है। माता रानी के नौ रूपों की प्रस्तुति के साथ पूरी ट्रेन को भक्तिमय रूप दिया गया है। पुराने इंजन और डिब्बों के बीच देवी-देवताओं की झांकियां इस आयोजन को अलग पहचान दे रही हैं।
पुरानी टिकटों से ताजा हो रहीं यादें
झांकी में केवल ट्रेन का मॉडल ही नहीं, बल्कि पुराने समय के रेलवे टिकटों और पारंपरिक रेल व्यवस्था से जुड़ी चीजों को भी शामिल किया गया है। इससे नई पीढ़ी को भारतीय रेलवे के पुराने स्वरूप के बारे में जानने का अवसर मिल रहा है। आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने की कोशिश की गई है।
श्रद्धालुओं को दिए जा रहे निशुल्क रेलवे टिकट
वहीं, झांकी देखने पहुंच रहे लोगों और बच्चों के लिए आयोजकों ने एक खास व्यवस्था की है। यहां आने वाले दर्शकों को पुराने जमाने की तर्ज पर मुफ्त रेलवे टिकट दिए जा रहे हैं। इन टिकटों के जरिए झांकी देखने का अनुभव और भी दिलचस्प बनाया गया है। नवरात्रि के दौरान विदिशा की यह अनूठी प्रस्तुति लोगों को आकर्षित कर रही है।