पुलिस स्मृति दिवस पर CM मोहन यादव ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को मिलने वाली सहायता राशि पर कही ये बड़ी बात
भोपाल के लाल परेड मैदान में पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में नौ शहीदों को नमन किया गया। सीएम ने नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस की सफलता, भर्ती और पदोन्नति तथा शहीदों के परिजनों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि के वितरण का उल्लेख किया।

Police Commemoration Day: देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिसकर्मियों की भूमिका बेहद अहम है। कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले इन जवानों का बलिदान देश हमेशा याद रखता है। भोपाल के लाल परेड मैदान में पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उन्होंने पुलिस बल के साहस, बलिदान और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच उसकी भूमिका को रेखांकित किया।
लाल परेड मैदान में आयोजित हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम
बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर भोपाल के लाल परेड मैदान पहुंचे। यहां उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर अमर पुलिसकर्मियों को नमन किया। कार्यक्रम में नौ शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिला पुलिस बल, महिला प्लाटून, अश्वारोही दल और श्वान दल ने परेड में हिस्सा लिया।
लोकतंत्र और देश की सुरक्षा में पुलिस की अहम भूमिका
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लोकतंत्र, अखंडता और सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने में पुलिस और सशस्त्र बलों का योगदान महत्वपूर्ण है। पुलिस जवानों का अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान देश के गौरव और सुरक्षा की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि कर्तव्य के प्रति समर्पण दिखाने वाले पुलिसकर्मियों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। पुलिस स्मृति दिवस उन जवानों को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने देश और समाज की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
नक्सलवाद के खिलाफ सफलता को बताया गौरव की बात
डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में नक्सलवाद की चुनौती से निपटने में पुलिस बल की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का पुराने नक्सलवाद के दौर से बाहर निकलना गौरव और गर्व की बात है। प्रदेश के बहादुर जवानों ने नक्सलवाद जैसी चुनौती का डटकर सामना किया और इसमें सफलता हासिल की। उन्होंने पुलिसकर्मियों के साहस और समर्पण को इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार बताया।
शहीदों के परिजनों को सहायता राशि के वितरण में बदलाव
जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को दी जाने वाली एक करोड़ रुपये की सहायता राशि के वितरण की व्यवस्था में बदलाव का उल्लेख किया। इसके तहत सहायता राशि का 50 प्रतिशत शहीद की पत्नी और शेष 50 प्रतिशत उनके बुजुर्ग माता-पिता को दी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य शहीद के परिवार के अलग-अलग सदस्यों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
भर्ती, पदोन्नति और सुविधाओं पर सरकार का जोर
साथ ही सीएम ने कहा कि पुलिसकर्मियों की भर्ती, पदोन्नति और सुविधाओं पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने पुलिस बल को भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयार करने और आधुनिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत पर जोर दिया। सरकार की ओर से पुलिस बैंड और होमगार्ड में नई भर्तियों के जरिए युवाओं को अवसर देने की पहल का भी उल्लेख किया गया। इन प्रयासों का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाना और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करना है।
1959 की घटना की याद में मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस
पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए 10 पुलिसकर्मियों की स्मृति से जुड़ा है। यह दिवस देशभर में कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को याद करने और उनके बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है।
