संसद में जोरदार हंगामा और तीखी भिड़ंत: एनडीए और इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने किया आमने-सामने प्रदर्शन, राष्ट्रपति ने वंदे मातरम् विधेयक को दी मंजूरी
संसद के मानसून सत्र के दौरान एनडीए और इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने संसद परिसर में एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र 2026 के दौरान मंगलवार को संसद परिसर का राजनीतिक माहौल सचमुच बेहद गर्मा गया, जहां एनडीए और इंडिया ब्लॉक के सांसद एक दूसरे के ठीक सामने नजर आए। दोनों तरफ से, परिसर में एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन जैसा माहौल बन रहा था। सत्ता पक्ष कह रहा था कि विपक्ष सदन की कार्यवाही को लगातार रोकता है ,और ठीक से चर्चा से भी बचता है। वहीं विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, फिर तो बीच में तीखी नोकझोंक और राजनीतिक बयानों का दौर भी चल पड़ा।
प्रियंका के सामने राहुल गांधी को लेकर नारेबाजी ,और कड़वी बहस
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी जब संसद पहुंची तो बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी के नाम पर जोर से नारे लगाए। बीजेपी सांसद मुकेश दलाल ने राहुल गांधी से जुड़ा एक सवाल उठाया, उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने वाले राहुल गांधी अब वहां क्या कर रहे थे। इसी पर प्रियंका गांधी ने तुरंत पलटवार किया, उन्होंने कहा कि राहुल गांधी झारखंड जा चुके हैं और वहां छात्रों से मिलने की बात भी हो चुकी है। ये पूरा घटनाक्रम ,संसद के बाहर चल रही सियासी गर्मी को और ज्यादा भड़का गया।
हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक स्थगित
संसद में चल रहे भारी हंगामे और लगातार नारेबाजी की वजह से लोकसभा की कार्यवाही पहले सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। इसके बाद दोपहर दो बजे सदन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन फिर कुछ ही देर में फिर से नारेबाजी ने रफ्तार पकड़ ली, तो लोकसभा की कार्यवाही को बुधवार तक के लिए टालना पड़ा। हालांकि, इस बीच राज्यसभा की कार्यवाही सुचारु तरीके से चलती रही। बता दें 20 जुलाई से शुरू हुआ ये मानसून सत्र 13 अगस्त को खत्म होना है।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और विधेयकों की प्रक्रिया
विपक्ष दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब चाहता है। सरकार की तरफ से कहा गया कि अमित शाह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं ,जबकि राहुल गांधी का कहना है कि विपक्ष सिर्फ गृह मंत्री की राय नहीं सुनना चाहता बल्कि यह जानना जरूरी है कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का आदेश आखिर दिया किसने था। उधर, भारी हंगामे के बावजूद लोकसभा से दो अहम विधेयक पार हो गए—केरल (नाम में बदलाव) विधेयक, 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026। केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने की जो प्रक्रिया है, उसकी सहमति पहले ही राज्य विधानसभा दे चुकी थी। साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को वंदे मातरम् से जुड़े संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी, जिससे राष्ट्रीय गीत को कानूनी संरक्षण मिल गया है और इसके गायन में बाधा देने वालों के लिए जेल व जुर्माने का प्रावधान प्रभावी हो गया। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी राहुल गांधी से अपील की कि सदन की कार्यवाही चलने दी जाए।