दिवाली से पहले कचरे का संकट! MP में एक लाख से ज्यादा सफाईकर्मी हड़ताल पर, जानिए क्या रखी मांगें?
मध्य प्रदेश में एक लाख से ज्यादा सफाईकर्मी चार मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। भोपाल में 400 से अधिक कचरा कलेक्शन गाड़ियां खड़ी हैं और रोज निकलने वाले करीब 850 टन कचरे का उठाव प्रभावित हुआ है। यूनियन ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।


MP Sanitation Workers Strike: दिवाली से पहले मध्य प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। प्रदेश के एक लाख से अधिक सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। बुधवार को भोपाल समेत कई जगहों पर सफाई का काम प्रभावित रहा। गुरुवार को भी घरों से कचरा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंचेंगी। ऐसे में लोगों को फिलहाल घरों का कचरा खुद संभालना पड़ सकता है। भोपाल में इस आंदोलन में 10 हजार से ज्यादा सफाईकर्मी शामिल हैं। शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए चलने वाली 400 से अधिक गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं। कर्मचारियों और नगरीय प्रशासन विभाग के बीच बातचीत से भी फिलहाल कोई रास्ता नहीं निकला है।
भोपाल के बाजारों में व्यापारियों ने संभाली सफाई की जिम्मेदारी
बता दें, हड़ताल के कारण न्यू मार्केट सहित शहर के कई बाजारों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। बुधवार को व्यापारियों ने वॉलंटियर्स की मदद से अपने आसपास सफाई कराई। गुरुवार को भी इसी तरह सफाई करने की तैयारी है। व्यापारियों ने सफाईकर्मियों की मांगों का समर्थन किया है। उनका कहना है कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान देकर जल्द समाधान निकालना चाहिए।
शहर से रोज निकलता है करीब 850 टन कचरा
आंकड़ों के मुताबिक, भोपाल में घरों से कचरा उठाने के लिए 400 से ज्यादा गाड़ियां लगाई गई हैं। ये वाहन रोजाना दो से तीन चक्कर लगाते हैं। शहर के 17 गार्बेज स्टेशनों पर कचरा जमा किया जाता है। इसके बाद कैप्सूल टैंकरों से इसे आदमपुर छावनी स्थित कचरा निस्तारण केंद्र भेजा जाता है। भोपाल से हर दिन करीब 850 टन कचरा निकलता है। सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते घरों से कचरा उठाने के साथ उसे निस्तारण केंद्र तक पहुंचाने का काम भी प्रभावित हुआ है।
चार मांगों को लेकर अड़े सफाईकर्मी
अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के मुताबिक, यूनियन पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से हड़ताल का फैसला लिया है।
- सफाईकर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
- पति या पत्नी की मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता मिले।
- न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपए तय किया जाए।
- ठेका व्यवस्था खत्म कर सफाईकर्मियों को स्थायी किया जाए।
हड़ताल खत्म कराने के लिए यूनियन के पदाधिकारियों ने नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे से मुलाकात की। हालांकि, बातचीत के दौरान कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद कर्मचारियों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया।
जहांगीराबाद चौराहे पर दो घंटे तक दिया था धरना
हालांकि, हड़ताल से पहले मंगलवार को भी सफाईकर्मियों ने भोपाल में प्रदर्शन किया था। कर्मचारी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन ज्ञापन लेने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
इसके बाद कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने की योजना बनाई। पुलिस ने जहांगीराबाद चौराहे पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। विरोध में कर्मचारी करीब दो घंटे तक सड़क पर बैठे रहे।
बाद में समझाइश के बाद चौराहे से जाम हटाया गया, लेकिन कर्मचारियों ने शाहजहांनी पार्क में अपना धरना जारी रखा। यूनियन का कहना है कि वे लंबे समय से मांगें उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिला है।