मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 जिलों को मिले नए कलेक्टर
मध्य प्रदेश में आईएएस अधिकारियों के बड़े तबादले किए गए हैं। 11 जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं। सुखवीर सिंह को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव और गौरव बैनल को कर्मचारी चयन मंडल (ESB) का संचालक बनाया गया है। भरत यादव को जनसंपर्क सचिव का अतिरिक्त प्रभार मिला है।

MP IAS Transfer: मध्य प्रदेश में मंगलवार देर रात IAS अधिकारियों की तबादला सूची जारी होने के बाद प्रशासनिक महकमे में बड़े बदलाव हुए हैं। राज्य सरकार ने 11 जिलों में कलेक्टरों की नई पदस्थापना की है। इसके साथ ही मंत्रालय और विभिन्न विभागों में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। सुखवीर सिंह को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाया गया है। उन्हें लोक निर्माण विभाग (PWD) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वहीं, भरत यादव को जनसंपर्क विभाग के सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली है।
कई विभागों में नई जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार, सरकार की तबादला सूची में वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में भी फेरबदल किया गया है। रश्मि अरुण शमी को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। उन्हें भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई है। केसी गुप्ता को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
जॉन किंग्सली ए.आर. को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग का सचिव बनाया गया है। शोभित जैन को कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला है। संकेत एस. भोंडवे को नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में आवासीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। स्वतंत्र कुमार सिंह को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग का सचिव बनाया गया है।
2017 बैच के अधिकारियों को मिली कलेक्टर की जिम्मेदारी
साथ ही, तबादला सूची में 2017 बैच के अधिकारियों को भी जिलों की कमान सौंपी गई है। कुमार सत्यम को बालाघाट से हरदा भेजा गया है, जबकि आदित्य सिंह को बालाघाट का नया कलेक्टर बनाया गया है। आदित्य सिंह इससे पहले हरदा और अशोकनगर में कलेक्टर रह चुके हैं। अशोकनगर में उनकी पदस्थापना के दौरान रिश्वत लेने के आरोप लगे थे, जिन्हें फर्जी बताया गया था। इसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। अब उन्हें दोबारा जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
हरदा और नर्मदापुरम में बदले कलेक्टर
बता दें, हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को वाणिज्यिक कर विभाग में उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह कुमार सत्यम को हरदा की जिम्मेदारी दी गई है। नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा को एड्स नियंत्रण सोसाइटी का संचालक और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास का संचालक बनाया गया है। उनकी जगह आशीष वशिष्ठ को नर्मदापुरम का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
सिंगरौली में गौरव बैनल को नई जिम्मेदारी
सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव और कर्मचारी चयन मंडल (ESB) का संचालक बनाया गया है। उनकी जगह मंत्रालय में उप सचिव के पद पर कार्यरत अंकित अस्थाना को सिंगरौली का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। उन्हें भी फिर से जिले की कमान मिली है।
जबलपुर, रायसेन और शाजापुर में भी नई पदस्थापना
वहीं, जबलपुर कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह को कृषि विपणन बोर्ड का प्रबंध संचालक-सह-आयुक्त मंडी बनाया गया है। रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा को जबलपुर भेजा गया है। रायसेन में रोहित सिसोनिया नए कलेक्टर होंगे। शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना को उज्जैन संभाग में अपर आयुक्त राजस्व बनाया गया है। उनकी जगह इंदौर विकास प्राधिकरण के CEO परीक्षित संजयराव झाड़े को शाजापुर का कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
भिंड, पन्ना और बुरहानपुर में भी बदले अधिकारी
भिंड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना को वित्त विभाग में उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह पवन कुमार जैन को भिंड का कलेक्टर बनाया गया है। पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। उनकी जगह बुरहानपुर के कलेक्टर हर्ष सिंह को पन्ना भेजा गया है। बुरहानपुर में विवेक कुमार नए कलेक्टर होंगे।
मऊगंज और बालाघाट में भी बदलाव
मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह राजेश कुमार ओगरे को मऊगंज का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। बालाघाट में बच्चों की मौत के मामले के बाद कुमार सत्यम के तबादले की कार्रवाई हुई है। हालांकि, उन्हें कलेक्टर पद पर बनाए रखते हुए हरदा भेजा गया है।
उद्योग और निवेश से जुड़े विभागों में भी फेरबदल
संदीप केरकेट्टा को इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) का CEO बनाया गया है। अंशुमन राज को मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम का प्रबंध संचालक और समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन का मिशन संचालक नियुक्त किया गया है।
इस प्रशासनिक फेरबदल में जिलों के कलेक्टरों के साथ-साथ मंत्रालय और प्रमुख विभागों में भी जिम्मेदारियां बदली गई हैं।
