हरदा में सैकड़ों विद्यार्थियों ने बनाई मानव श्रृंखला, ‘Say No to Drugs 2.0’ अभियान के तहत नशामुक्ति का दिया संदेश
हरदा में ‘Say No to Drugs 2.0’ अभियान के तहत सैकड़ों विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर नशामुक्त समाज का संदेश दिया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों और छात्रों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली।

हरदा में सैकड़ों विद्यार्थियों ने बनाई मानव श्रृंखला, ‘Say No to Drugs 2.0’ अभियान के तहत दिया नशामुक्ति का संदेश
हरदा। शहर में मंगलवार को ‘Say No to Drugs 2.0’ अभियान के तहत सैकड़ों विद्यार्थियों ने विशाल मानव श्रृंखला बनाकर नशामुक्त समाज का संदेश दिया। डॉ. भीमराव अंबेडकर उत्कृष्ट विद्यालय और महात्मा गांधी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने इस जागरूकता अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मानव श्रृंखला बनाकर दिया नशे के खिलाफ संदेश
कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी हायर सेकेंडरी स्कूल के पीछे स्थित मैदान में विद्यार्थियों ने “SAY NO TO DRUGS 2.0” की आकर्षक आकृति बनाकर समाज को नशे के विरुद्ध एक मजबूत संदेश दिया। विद्यार्थियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया और आमजन से भी नशे से दूर रहने की अपील की।
पुलिस अधीक्षक ने जनभागीदारी पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक शशांक ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल कानून के सहारे संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी और युवाओं की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई मानव श्रृंखला को समाज में जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम बताया।
एएसपी ने नशे के दुष्प्रभावों से कराया अवगत
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित कुमार मिश्रा ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, खेल, अनुशासन और सकारात्मक सोच अपनाकर नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
सभी ने ली नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के अंत में एएसपी अमित कुमार मिश्रा ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। सभी प्रतिभागियों ने भविष्य में स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
इस दौरान पुलिस अधिकारियों और विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी तथा उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

