CM मोहन ने किया ‘दूध का दूध, पानी का पानी’, जानिए कोसमी अतिक्रमण मामले में हुए कौन-कौन से खुलासे?
सीहोर के कोसमी गांव में वन भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में 78,700 पौधे काटे गए और 31.48 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा बताया गया है। सैटेलाइट तस्वीरों में 2022 के घटनाक्रम का उल्लेख है।

Sehore News: मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के कोसमी गांव में वन भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला एक बार फिर चर्चा में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने आए इस मामले में सीहोर कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में दूसरे जिलों से आए लोगों ने वन भूमि पर अवैध कब्जा किया और इसके लिए बड़े पैमाने पर पौधों को काटा गया। जांच में 31.48 हेक्टेयर जमीन पर कब्जे और सैटेलाइट तस्वीरों से जुड़े तथ्य भी सामने आए है। इस मामले में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिक सिंह चौहान धरने पर बैठे थे।
31.48 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा
सीहोर कलेक्टर की ओर से शासन को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, कोसमी गांव में वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया। रिपोर्ट में इस क्षेत्र में करीब 78,700 पौधे काटे गए और 31.48 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा किया गया। जांच में इस बात का भी उल्लेख है कि कथित अतिक्रमण करने वाले लोग दूसरे जिलों से आए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, वन विभाग ने वर्ष 2021 में संबंधित क्षेत्र में 3.37 लाख पौधे लगाए थे। इसके बाद बड़ी संख्या में पौधे काटे गए और जमीन पर कब्जा किया गया। इस मामले में पौधारोपण के आंकड़ों और कथित नुकसान को जांच के प्रमुख बिंदुओं के रूप में शामिल किया गया है।
सैटेलाइट तस्वीरों में 2022 का घटनाक्रम
साथ ही, जांच रिपोर्ट में सैटेलाइट इमेज का भी जिक्र किया गया है। वर्ष 2022 की तस्वीरों में संबंधित क्षेत्र में कब्जा दिखाई देने की बात कही गई है। इन तस्वीरों के आधार पर अतिक्रमण के समय और उसके फैलाव से जुड़े तथ्यों का उल्लेख किया गया है।
नौ झुग्गियां हटाने और कुओं को भरने की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए नौ झुग्गियों को हटाया और कुओं को मुरम से भरवा दिया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कथित अतिक्रमण करने वाले कुछ लोगों के सिंहपुर और हबीब नगर में पक्के मकान हैं।
शिवराज सिंह चौहान और कार्तिक चौहान के धरने से जुड़ा मामला
गौरतलब है कि कोसमी गांव में वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आदिवासियों के पक्ष में समर्थन जताया था। इसके बाद उनके बेटे कार्तिक चौहान भी आदिवासियों के साथ धरने पर बैठे थे। अब कलेक्टर की जांच रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक, दोनों स्तरों पर चर्चा में है।
