CM Mohan Yadav: गुरु पूर्णिमा पर CM मोहन यादव बोले- प्राचीन भारतीय ज्ञान समझना है तो उज्जैन के सांदीपनि आश्रम जरूर आएं
CM Mohan Yadav: गुरु पूर्णिमा के अवसर पर CM मोहन यादव उज्जैन के महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचे। उन्होंने पूजा-अर्चना कर भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा को देश की गौरवशाली विरासत बताया।
CM Mohan Yadav: उज्जैन। गुरु पूर्णिमा के मौके पर उज्जैन का महर्षि सांदीपनि आश्रम एक बार फिर गुरु-शिष्य परंपरा की यादों से जुड़ गया है। बुधवार को यहां ‘गुरु परंपरा का लोकपर्व श्रद्धा समारोह’ आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने महर्षि सांदीपनि की पूजा-अर्चना और आरती की और भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा को लेकर अपनी बात रखी।
साथ ही मुख्यमंत्री ने बतया कि अगर कोई व्यक्ति प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को करीब से समझना चाहता है, तो उसे उज्जैन के सांदीपनि आश्रम जरूर आना चाहिए। उनके मुताबिक, भारतीय परंपरा में गुरु का स्थान बहुत ऊंचा माना गया है और उज्जैन की खासियत यह है कि यहां भगवान श्रीकृष्ण ने भी शिक्षा ग्रहण की थी।
सांदीपनि आश्रम में श्रीकृष्ण ने सीखी थी विद्या
सीएम मोहन यादव ने कहा कि महर्षि सांदीपनि ने भगवान श्रीकृष्ण को जो शिक्षा दी, उसी गुरु परंपरा के कारण श्रीकृष्ण आगे चलकर जगतगुरु कहलाए। और कहा कि सांदीपनि आश्रम सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की पुरानी शिक्षा और ज्ञान परंपरा की पहचान भी है।
साथ ही बताया कि सरकार प्रदेश की इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। इसके साथ ही उज्जैन के साहित्य, कला और संस्कृति को भी विकास योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
सिंहस्थ 2028 को लेकर भी विकास कार्य जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में कई विकास कार्य किए जा रहे हैं। शहर की धार्मिक पहचान के साथ-साथ यहां की कला, साहित्य और संस्कृति को भी सामने लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उज्जैन में सभी धर्मों के लोग मिलकर विकास कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं भी दीं।
जल्द बनेगा सांदीपनि लोक और काल भैरव लोक
कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा ने भी मुख्यमंत्री के सामने उज्जैन के विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन को लगातार नई सौगातें मिल रही हैं।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में उज्जैन में सांदीपनि लोक और काल भैरव लोक विकसित किए जाने की योजना है। इसके साथ ही शहर में आयुर्वेद चिकित्सा विश्वविद्यालय बनाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
महर्षि सांदीपनि की पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने सबसे पहले महर्षि सांदीपनि गुरुदेव की पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने कुण्डेश्वर महादेव और सर्वेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन किए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘महर्षि गुरु सांदीपनि, स्वयं के द्वारा लिखित’, ‘महर्षि सांदीपनि भारतीय गुरुकुल परंपरा के शिल्पी’ और ‘सर्वांग’ पुस्तकों का विमोचन किया। उन्होंने वेदपाठियों को श्रीमद्भगवद्गीता की पुस्तकें भी वितरित कीं।
भक्ति गायन और नाट्य प्रस्तुति ने बांधा समां
गुरु पूर्णिमा के इस आयोजन में सिर्फ पूजा-पाठ ही नहीं हुआ, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम में भक्ति गायन के साथ ‘गुरु दत्तात्रेय की पाठशाला’ नामक नाट्य प्रस्तुति दी गई।
यह आयोजन मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और त्रिवेणी संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी, संजय अग्रवाल समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

