भोपाल में 10 करोड़ की लागत से बना पंचकर्म सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल, 50 बेड की सुविधा; जानिए कितनी है पैकेज की कीमत?
भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में 10 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का पंचकर्म सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल शुरू हुआ है। यहां आधुनिक जांच, पंचकर्म थेरेपी, संगीत थेरेपी और मरीजों के लिए रहने-खाने की सुविधा है। नौ दिन के पैकेज की कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई है।

Bhopal Panchakarma Super Speciality Hospital: भोपाल में आयुर्वेदिक इलाज के लिए नया सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल शुरू किया गया है। पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में बने इस सेंटर में पारंपरिक पंचकर्म उपचार के साथ आधुनिक जांच सुविधाओं को भी जोड़ा गया है। अस्पताल में 50 बेड हैं और इसे तैयार करने में करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। अस्पताल में नौ दिन के पंचकर्म पैकेज की कीमत करीब 30 हजार रुपये है। इसमें रहने, भोजन, थेरेपी और डॉक्टरों की निगरानी शामिल है।
पहले जांच, फिर मरीज के हिसाब से पंचकर्म
पंचकर्म में नाड़ी परीक्षण की पारंपरिक भूमिका रही है। हालांकि, किसी बीमारी की पहचान के लिए मरीज के लक्षणों, शारीरिक जांच और जरूरत के अनुसार अन्य मेडिकल जांचों को भी ध्यान में रखना जरूरी होता है।
अस्पताल में सीटी स्कैन, एक्स-रे और खून की जांच जैसी रिपोर्टों का विश्लेषण कर उपचार तय करने की व्यवस्था की गई है। खास तौर पर कमर, गर्दन, घुटनों और रीढ़ से जुड़ी परेशानियों में जांच से बीमारी की स्थिति समझने में मदद मिल सकती है।
इलाज से पहले मरीज की स्थिति का आकलन करने के बाद ही तेल, भाप, मालिश या बस्ति जैसी पंचकर्म प्रक्रियाओं का चुनाव किया जाता है। कौन-सी प्रक्रिया उपयुक्त होगी, यह मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय सलाह पर निर्भर करेगा।
नौ दिनों का पैकेज
इस अस्पताल की खास बात इसका तय अवधि वाला उपचार पैकेज है। जानकारी के अनुसार, नौ दिनों के पैकेज की कीमत करीब 30 हजार रुपये है। इसमें ठहरने, भोजन, थेरेपी और डॉक्टरों की निगरानी को शामिल किया गया है।
मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार आयुर्वेद आधारित भोजन देने की व्यवस्था भी है। बुजुर्गों और कमर दर्द, साइटिका, माइग्रेन, जोड़ों के दर्द, नींद की परेशानी या तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए अलग-अलग पैकेज तैयार किए गए हैं।
थेरेपी के दौरान संगीत का भी इस्तेमाल
साथ ही, पंचकर्म उपचार के दौरान अस्पताल में संगीत थेरेपी की सुविधा भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य मरीजों को आरामदायक माहौल देना और तनाव कम करने में मदद करना है। शांत संगीत से मरीजों को मानसिक सुकून मिल सकता है, जिससे उन्हें उपचार के दौरान बेहतर महसूस करने में मदद मिलेगी।
आयुर्वेद और आधुनिक जांच को साथ लाने की पहल
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला के मुताबिक, इस सेंटर का उद्देश्य पारंपरिक पंचकर्म पद्धति को आधुनिक जांच के साथ जोड़कर मरीजों को सुरक्षित और सुविधाजनक उपचार उपलब्ध कराना है। 50 बेड वाले इस अस्पताल से भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को पंचकर्म उपचार की सुविधा मिल सकती है।
