Bhopal Fake Police Officer: LLB छात्र बना फर्जी पुलिसकर्मी, नकली पिस्टल लगाकर कर रहा था वसूली; लोगों ने घेरकर पकड़ा
Bhopal Fake Police Officer: भोपाल के शाहपुरा में पुलिस बनकर वाहन चालकों से पैसे मांग रहे दो युवकों को लोगों ने घेरकर पकड़ लिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया, एक LLB छात्र है और उसके पास नकली पिस्टल मिली।
Bhopal Fake Police Officer: भोपाल। भोपाल के शाहपुरा इलाके में दो युवक खुद को पुलिसकर्मी बताकर वाहन चालकों से पैसे वसूल रहे थे। दोनों सिविल ड्रेस में चौराहे पर वाहन रोकते और हेलमेट नहीं पहनने समेत दूसरे ट्रैफिक नियमों का हवाला देकर रुपए मांगते थे। गुरुवार रात लोगों को शक हुआ तो उन्होंने दोनों को घेर लिया और पुलिस को सूचना दे दी।
पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों की पोल खुल गई। दोनों में से एक LLB की पढ़ाई कर रहा है, जबकि दूसरा एक IT कंपनी में HR के पद पर काम करता है। तलाशी के दौरान एक युवक की कमर से नकली पिस्टल भी मिली।
पहले बोले- कोहेफिजा थाने में तैनात हैं
शाहपुरा थाना प्रभारी संतोष मकराम ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9:30 बजे शाहपुरा चौराहे से पुलिस को सूचना मिली थी कि दो युवक पुलिस बनकर वाहन चेक कर रहे हैं और लोगों से पैसे मांग रहे हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने पहले खुद को कोहेफिजा थाने में तैनात पुलिसकर्मी बताया। और जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उनकी बात झूठी निकली।
दोनों की पहचान अमान खान और कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई है। पूछताछ में अमान ने बताया कि वह एमपी नगर की एक IT कंपनी में HR है। वहीं कार्तिक LLB की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस ने तलाशी ली तो अमान की कमर से एक नकली पिस्टल मिली। पुलिस ने इसे जब्त कर लिया है।
लोगों ने पूछा- ID कार्ड दिखाओ
दोनों युवकों के वाहन रोकने के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनका वीडियो बना लिया। वीडियो में लोग उनसे पूछते नजर आ रहे हैं कि वे किस थाने से हैं और अपना ID कार्ड दिखाएं।
कुछ लोगों ने यह भी सवाल किया कि जब वे खुद बिना हेलमेट बाइक चला रहे हैं तो दूसरों को हेलमेट के लिए क्यों रोक रहे हैं। लोगों ने उनसे यह भी पूछा कि उन्हें सड़क पर वाहन चेक करने की अनुमति किसने दी है। मामला बढ़ता देख लोगों ने पुलिस को बुला लिया।
हेलमेट के नाम पर मांगते थे पैसे
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों सिविल ड्रेस में वाहन चालकों को रोकते थे। हेलमेट नहीं पहनने या दूसरे ट्रैफिक नियमों का हवाला देकर कार्रवाई का डर दिखाते और मौके पर ही पैसे मांगते थे। हालांकि, दोनों ने किसी का सरकारी चालान नहीं काटा था।
पुलिस के हाथ लगने के बाद दोनों ने कहा कि वे लोगों के साथ प्रैंक कर रहे थे। हालांकि थाना प्रभारी का कहना है कि मौके पर कोई वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं हो रही थी और ऐसा कोई सबूत भी नहीं मिला, जिससे उनकी प्रैंक वाली बात सही साबित हो सकें।
पहले भी ऐसा किया या नहीं, जांच में जुटी पुलिस
पूछताछ में दोनों ने दावा किया कि उन्होंने पहली बार ऐसा किया है। पुलिस को इस बात पर भरोसा नहीं है। थाना प्रभारी के मुताबिक दोनों की CDR निकलवाई जा रही है और उनकी पुरानी गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों ने इससे पहले भी किसी को फर्जी पुलिस बनकर रोका या पैसे वसूले हैं या नहीं।
पुलिस के मुताबिक अमान खान के खिलाफ पहले से मारपीट का एक मामला दर्ज है। वहीं कार्तिक मिश्रा का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। फिलहाल दोनों से पूछताछ और मामले की जांच जारी है।

