Betul Muskaan Abhiyan : मध्य प्रदेश। बैतूल पुलिस ने इंसानियत की अनोखी मिसाल पेश की है। नवंबर में शुरू किए गए विशेष ‘मुस्कान अभियान’ के तहत पुलिस ने चार अलग-अलग राज्यों से 25 लापता नाबालिग लड़कियों को सकुशल बरामद कर लिया। इन सभी बेटियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। कई परिवारों के घर आठ-आठ साल बाद खुशी लौटी है।
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जिले के अलग-अलग थानों में वर्ष 2017 से अब तक कुल 62 नाबालिग लड़कियों के गुमशुदगी के मामले दर्ज हुए थे। इनमें से कई लड़कियां तो सालों से लापता थीं। पुलिस ने जब ‘मुस्कान अभियान’ शुरू किया तो एक-एक करके 25 लड़कियां मिलने लगीं। अभी भी 34 मामले अनसुलझे हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि बरामद की गई लड़कियां गुजरात के गांधीधाम, महाराष्ट्र के नागपुर और परतवाड़ा, तेलंगाना के हैदराबाद, मध्य प्रदेश के उज्जैन, छिंदवाड़ा सहित कई शहरों से मिलीं।
कुछ लड़कियां तो पड़ोसी जिलों में भी थीं। पुलिस ने इनकी तलाश में मोबाइल लोकेशन, सोशल मीडिया अकाउंट्स की ट्रैकिंग और स्थानीय पुलिस की मदद का भरपूर इस्तेमाल किया। कई जगहों पर पुलिस की टीमें रात-दिन दबिश देती रहीं।
महिला एवं बाल अपराध शाखा की डीएसपी दुर्गेश आर्मो ने बताया कि ज्यादातर लड़कियां किसी परिचित, दोस्त या प्रेमी के साथ घर से चली गई थीं। अच्छी बात यह रही कि अब तक की जांच में किसी भी मामले में अपहरण, तस्करी या गंभीर अपराध का कोई सबूत नहीं मिला।
अधिकांश मामलों में किशोरावस्था के रिश्ते और परिवार में छोटी-मोटी नाराजगी वजह बनी। पुलिस ने सभी लड़कियों की काउंसलिंग कराई और परिजनों को समझाइश दी कि बच्चों पर ज्यादा दबाव न डालें।
बैतूल पुलिस की इस सफलता की चारों तरफ तारीफ हो रही है। कई परिजनों ने पुलिस थाने पहुंचकर फूल-मालाएं पहनाईं और आंसुओं के साथ धन्यवाद कहा। एक मां ने तो पुलिस वालों के पैर छू लिए। एसपी सिमाला प्रसाद ने पूरी टीम को बधाई दी है और बाकी 34 लड़कियों को भी जल्द ढूंढने का भरोसा दिलाया है।
पुलिस का कहना है कि लापता बच्चों के मामले में परिवारों की लापरवाही भी बड़ी वजह होती है। कई बार माता-पिता बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान नहीं देते, जिससे छोटी सी बात बड़ी हो जाती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बच्चों के साथ दोस्ती बनाकर रखें और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखें।