MP News : मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल के व्यस्त होशंगाबाद रोड पर सोमवार तड़के एक खौफनाक हादसा हो गया। बालाघाट से इंदौर जा रही वर्मा ट्रेवल्स की लग्जरी स्लीपर बस के दोनों पिछले पहिए अचानक निकल गए। गनीमत रही कि बस में बैठीं दर्जनों सवारियां सुरक्षित रहीं और किसी को खरोंच तक नहीं आई।
हादसा सुबह करीब साढ़े चार बजे बावड़ियाकलां ब्रिज के पास हुआ। पहिए निकलने के बाद बस बीच सड़क पर लंगड़ी होकर खड़ी हो गई। इसे हटाने के लिए क्रेन बुलानी पड़ी, जो दोपहर 12 बजे तक मौके पर नहीं पहुंच सकी। इससे होशंगाबाद रोड की एक लेन पूरी तरह जाम रही और सुबह से दोपहर तक वाहन चालकों को भारी परेशानी हुई।
बस बालाघाट से रात में चली थी और करीब 450 किलोमीटर का सफर तय करके भोपाल के आईएसबीटी पहुंचने वाली थी। वहां से इंदौर के लिए सिर्फ 200 किलोमीटर बाकी थे। सवारियों के मुताबिक बस की स्पीड बहुत ज्यादा नहीं थी और सुबह के वक्त ट्रैफिक भी न के बराबर था। तभी अचानक जोर की आवाज आई और बस का पिछला हिस्सा एक तरफ झुक गया।
दोनों पिछले पहिए बस से अलग होकर सर्विस रोड के डिवाइडर से टकराकर रुक गए। ड्राइवर ने तुरंत ब्रेक लगाया, जिससे बस सड़क पर ही खड़ी हो गई। अगर स्पीड ज्यादा होती या पहिए सवारी की तरफ निकलते तो बड़ा हादसा होना तय था। सवारियों ने राहत की सांस ली और बस से उतरकर सुरक्षित स्थान पर चले गए।
बस के हेल्पर रवि ने बताया, “बालाघाट से इंदौर जा रहे थे। सुबह साढ़े चार बजे के करीब अचानक पहिए निकल गए। अच्छा हुआ कि कोई तेज नहीं चल रहा था और सवारी भी ज्यादातर सो रही थी। किसी को चोट नहीं आई।”
सवारियों ने बताया कि बस पुरानी लग रही थी और रात भर चलने से शायद मेंटेनेंस की कमी के कारण यह हादसा हुआ। कुछ लोग तो डर के मारे आगे का सफर छोड़कर भोपाल में ही उतर गए। बाकी सवारियों के लिए कंपनी ने दूसरी बस भेजने का इंतजाम किया।
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हादसे के बाद मिसरोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बस को सड़क से हटाने के लिए क्रेन मंगाई गई, लेकिन दोपहर 12 बजे तक क्रेन नहीं पहुंच सकी। इससे होसमंगाबाद रोड से बावड़ियाकलां जाने वाली लेन पर लंबा जाम लगा रहा। सुबह ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी दिक्कत हुई।
पुलिस ने बस मालिक को नोटिस जारी किया है। परिवहन विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस का फिटनेस सर्टिफिकेट और मेंटेनेंस रिकॉर्ड संदिग्ध है। ऐसे में बस मालिक पर भारी जुर्माना और लाइसेंस सस्पेंशन की कार्रवाई हो सकती है।