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Raisen News : श्रीकृष्ण की ससुराल जामगढ़ को मिलेगी ग्लोबल पहचान, खजुराहो फिल्म फेस्टिवल में शॉर्ट फिल्म की शूटिंग

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Raisen News : रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिला मुख्यालय से लगभग 120 किलोमीटर दूर जामगढ़ गांव के पास स्थित ऐतिहासिक जामवंत गुफा अब विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बनाने जा रही है। यह पवित्र स्थल भगवान श्रीकृष्ण की ससुराल के रूप में आधिकारिक मान्यता प्राप्त है।

धार्मिक ग्रंथों में वर्णित कथाओं के अनुसार, यहीं स्यमंतक मणि की खोज में श्रीकृष्ण और भालू राज जामवंत के बीच 27 दिनों तक भयंकर युद्ध हुआ था। अब इस गुफा और आसपास के क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने के लिए खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में विशेष शॉर्ट फिल्म बनाई जा रही है।

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मध्य प्रदेश सरकार की श्रीकृष्ण पाथेय योजना में शामिल जामगढ़ को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। हाल ही में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में प्रदेश के मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मंच से घोषणा की थी कि श्रीकृष्ण की ससुराल को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

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इसी कड़ी में जामगढ़ पर आधारित शॉर्ट फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई है। फिल्म के निर्देशक और मध्य प्रदेश फेस्टिवल के प्रभारी सुनील सोन्हिया ने बताया कि खजुराहो दुनिया भर में अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए मशहूर है। यहां 16 से 22 दिसंबर 2025 तक खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का भव्य आयोजन होगा।

इस फेस्टिवल में दुनिया भर के कलाकार, फिल्म निर्माता, निर्देशक और मीडिया प्रतिनिधि शामिल होंगे। जामगढ़ की शॉर्ट फिल्म को इसी मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।

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सुनील सोन्हिया ने कहा कि फिल्म के जरिए जामवंत गुफा की पौराणिक कथा, श्रीकृष्ण-जामवंत युद्ध और जामवंती विवाह की कहानी को जीवंत रूप दिया जाएगा। इससे न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रायसेन जिले की प्राकृतिक सुंदरता भी वैश्विक स्तर पर पहुंचेगी।

स्यमंतक मणि से जामवंती विवाह तक की कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, स्यमंतक मणि की चोरी के आरोप से बचने श्रीकृष्ण जामगढ़ पहुंचे। जामवंत गुफा में भालू राज जामवंत से उनका आमना-सामना हुआ। दोनों के बीच 27 दिनों तक निरंतर युद्ध चला। अंत में जामवंत पराजित हुए और उन्हें श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप का ज्ञान हुआ।

उन्होंने माफी मांगी और स्यमंतक मणि के साथ अपनी पुत्री जामवंती का विवाह श्रीकृष्ण से कर दिया। तभी से जामगढ़ को भगवान श्रीकृष्ण की ससुराल कहा जाता है। गुफा आज भी उसी प्राचीन स्वरूप में मौजूद है और श्रद्धालुओं का केंद्र बनी हुई है।

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विंध्याचल की प्राकृतिक शिव गुफा का अनोखा महत्व

जामगढ़ के निकट विंध्य पर्वत की गोद में एक और चमत्कारी स्थल है। यहां प्राकृतिक शिव गुफा स्थित है, जिसमें बीचों-बीच स्वयंभू शिवलिंग विराजमान है। गुफा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हर सुबह सूर्य की पहली किरण सीधे शिवलिंग पर पड़ती है।

देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। महाशिवरात्रि और सावन में यहां मेले का आयोजन होता है। दोनों स्थल मिलकर जामगढ़ को धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं।

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