MP IPS Transfer : भोपाल। मध्य प्रदेश शासन ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। बुधवार की आधी रात को गृह विभाग ने सात सीनियर आईपीएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी कर दिए। इनमें एडीजी और आईजी स्तर के अफसरों की भूमिकाओं में बड़े बदलाव हुए हैं। यह फेरबदल तत्काल प्रभाव से लागू हो गया। शासन का मानना है कि इससे विभाग में बेहतर कार्यप्रणाली बनेगी।
प्रमुख बदलावों पर नजर
सबसे पहले बात एडीजी राजाबाबू सिंह की। वे पहले प्रशिक्षण, शिकायत और मानवाधिकार का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। अब उनकी जिम्मेदारी सिर्फ एडीजी प्रशिक्षण तक सीमित हो गई। शिकायत और मानवाधिकार का प्रभार छीन लिया गया। यह बदलाव विभाग में सतर्कता का संकेत दे रहा है।
इसके अलावा, आईजी इरशाद वली को नया दायित्व मिला। उन्हें एसएएफ भोपाल रेंज और एसएएफ पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। यह नियुक्ति सुरक्षा बलों की तैयारियों को मजबूत करेगी।
एडीजी देव प्रकाश गुप्ता को कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गईं। वे अब मानव अधिकार, शिकायत पीएचक्यू के साथ सामुदायिक पुलिसिंग, आरटीआई, को-ऑपरेटिव फ्रॉड, लोक सेवा गारंटी, पुलिस मैन्युअल, आरएंडडी और पुलिस सुधार का प्रभार देखेंगे। यह एक बड़ा दायरा है।
एडीजी नारकोटिक्स केपी व्यंकटेश्वर राव को भी नया काम मिला। उन्हें तकनीकी सेवाएं पीएचक्यू का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। यह बदलाव ड्रग्स कंट्रोल और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सकारात्मक कदम लगता है।
आईजी स्तर पर भी हलचल रही। ईओडब्ल्यू भोपाल के आईजी सुशांत सक्सेना को आईजी इन्वेस्टिगेशन पीएचक्यू भेजा गया। चैत्रा एन को आईजी एससीआरबी पीएचक्यू का प्रभार मिला। वहीं, कुमार सौरभ को आईजी एसआईएसएफ के साथ आजाक आईजी का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया।
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में कई ऐसे तबादले हो चुके हैं। सितंबर में 20 आईपीएस अफसर बदले गए थे। अक्टूबर की शुरुआत में भी 6 अधिकारियों के ट्रांसफर हुए। यह सिलसिला जारी है। गृह विभाग का फोकस अब कानून-व्यवस्था पर ज्यादा लग रहा है।
